हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के पांवटा साहिब के पूर्व विधायक सरदार रतन सिंह के साथ पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का करीबी रिश्ता था वह वर्ष 2003 में हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में रतन सिंह के प्रचार अभियान में पांवटा साहिब आए थे। उस दौरान वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय डॉक्टर मनमोहन सिंह का पांवटा साहिब से गहरा नाता था। वे पूर्व संसदीय सचिव और गुरुद्वारा पांवटा साहिब प्रबंधन समिति के तत्कालीन उपप्रधान स्वर्गीय सरदार रतन सिंह के आग्रह पर पांवटा साहिब आए थे।
डॉ मनमोहन सिंह और स्वर्गीय सरदार रतन सिंह के बीच करीबी रिश्ता था।
सरदार मनमोहन सिंह ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह जब पांवटा से किसी अन्य नेता को टिकट देना चाहते थे तब मनमोहन सिंह ने ही पांवटा साहिब से सरदार रतन सिंह को विधान सभा चुनाव का टिकट दिया और उनके आग्रह पर खुद चुनाव प्रचार करने पांवटा साहिब आ गए। तब डॉ सिंह राज्य सभा में नेता विपक्ष और CWC के चेयरमैन भी थे।
स्वर्गीय सरदार रतन के पौत्र और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पांवटा साहिब के महासचिव सरदार हरप्रीत सिंह रतन का कहना हैं कि स्वर्गीय सरदार रतन सिंह डॉ मनमोहन सिंह के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए गुरुद्वारा पांवटा साहिब में पाठ और प्रार्थना का आयोजन किया करते थे। यहां तक कि उनके लिए प्रसाद और सिरोपा लेकर दिल्ली जाते थे।
हरप्रीत रतन बताते हैं कि डॉ मनमोहन सिंह और उनकी धर्म पत्नी गुरशरण कौर भी सरदार रतन सिंह का एक राजनेता से अधिक एक धार्मिक नेता के तौर पर सम्मान करते थे। और उनके आग्रह नहीं ठुकराते थे।
गुरुद्वारा पांवटा साहिब के तत्कालीन मैनेजर सरदार कुलवंत सिंह चौधरी डॉ साहिब के पांवटा साहिब दौरे को याद करते हुए बताते हैं कि स्वर्गीय डॉक्टर मनमोहन सिंह जी ना केवल महान अर्थशास्त्री, प्रशासक और राजनेता थे बल्कि विनम्रता और धर्म निरपेक्षता के बड़े उदाहरण थे।
सरदार कुलवंत सिंह चौधरी बताते हैं कि उन्होंने पांवटा साहिब में अपने संबोधन में बताया था कि पांवटा साहिब से जुड़े रागी भाई जसबीर सिंह पांवटा साहिब का कीर्तन वे नियमित रूप से सुना करते थे और पांवटा साहिब को याद करते थे।

