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ABVP का 45वां प्रदेश अधिवेशन सम्पन्न : प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री का चयन

ABVP का 45वां प्रदेश अधिवेशन सम्पन्न :  प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री का चयन
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का 45वां प्रदेश अधिवेशन हमीरपुर के गौतम कॉलेज में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस अधिवेशन में पूरे प्रदेश के छात्रनेताओं और विभिन्न कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अधिवेशन का उद्देश्य छात्रों में नेतृत्व क्षमता का विकास करना और संगठन के मूलभूत सिद्धांतों को आगे बढ़ाना था। इस दौरान हिमाचल प्रदेश की नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई, जिसमें 150 से अधिक छात्र नेताओं को संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।

प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री का चयन

अधिवेशन में सर्वसम्मति से राकेश शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष के दायित्व पर चुने गए, जबकि कुमारी नैंसी अटल को प्रदेश मंत्री के दायित्व पर नियुक्त किया गया। दोनों ही छात्र नेताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा विद्यार्थियों के कल्याण के लिए प्रभावी कार्य करने का संकल्प लिया।

जिला सिरमौर की कुछ प्रमुख नियुक्तियाँ

जिला सिरमौर के मनीष बिरसांटा को पुनः प्रदेश सह मंत्री के रूप में चुना गया। मनीष ने संगठन में अपनी सक्रिय भागीदारी और विद्यार्थियों के प्रति उनकी सेवा भावना के लिए एक मजबूत पहचान बनाई है। उनके पुनर्नियुक्ति से कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर है।

इसके अतिरिक्त, शीतल शर्मा को राष्ट्रीय कला मंच की प्रदेश संयोजिका के रूप में नियुक्त किया गया। शीतल का योगदान कला के क्षेत्र में और युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने में विशेष रहा है। अभी ठाकुर को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में चुना गया है, जिन्होंने हमेशा संगठन के लिए समर्पण और लगन के साथ कार्य किया है।

जिला सिरमौर से जीनिया शर्मा, मनीष समटा और वीनू चौहान को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में चुना गया है। इन सभी छात्रों ने संगठन के लिए अनवरत रूप से कार्य करते हुए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और यह नियुक्तियाँ उनकी निष्ठा का प्रमाण हैं।

अधिवेशन में प्रमुख विषयों पर चर्चा

इस अधिवेशन में विभिन्न शैक्षिक और सामाजिक मुद्दों पर भी गहन चर्चा की गई। विद्यार्थियों के अधिकार, शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर, और विभिन्न छात्र-हितैषी नीतियों पर सुझाव दिए गए। कार्यकारिणी सदस्यों ने विद्यार्थियों की समस्याओं को दूर करने और सकारात्मक दिशा में कार्य करने की प्रतिबद्धता जाहिर की।

इस मौके पर अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा, “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के हित में कार्य करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।” उन्होंने नए पदाधिकारियों से भी अपील की कि वे संगठन के उद्देश्य और विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाएं।

45वें प्रदेश अधिवेशन का समापन जोश और उत्साह के साथ हुआ, जिसमें नवनिर्वाचित कार्यकारिणी सदस्यों ने संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और छात्र हितों की रक्षा करने का संकल्प लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के इस अधिवेशन ने एकजुटता, साहस और नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो आने वाले समय में संगठन के कार्यों को एक नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।

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