शिमला: हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद वार्डों को नए सिरे से तय किया जाएगा। अब जिला परिषद की सीमाएं एक ब्लॉक के भीतर ही रहेंगी। पंचायत चुनाव से पहले इन वार्डों को पुनर्सीमांकन
होगा। इसकी प्रक्रिया जल्दी शुरू होगी।
अभी तक जिला परिषदों सीमाएं ग्राम पंचायतों को मानकर तय होती रही हैं। लेकिन अब अब ग्राम पंचायतें नहीं, बल्कि पंचायत समितियां आधार
होंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने
पंचायती राज चुनाव नियम-1994 में
संशोधन किया है।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव इसी वर्ष के अंत में होंगे तो उससे पहले इन नियमों को संशोधित कर पुनर्सीमांकन किया जा रहा है।नए संशोधित नियमों को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संशोधन नियम-2025 नाम दिया गया है।
पंचायती राज सचिव राजेश शर्मा ने इसकी अधिसूचना जारी कर नियम-9 में
संशोधन कर प्रावधान किया है कि जिला परिषद वार्ड तय करने के लिए पंचायत समिति का क्षेत्र ही इकाई माना जाएगा। इससे पूर्व सभा क्षेत्र यानी ग्राम पंचायतें ही यूनिट होती थीं।
अब यह भी प्रावधान किया गया है कि जिला परिषद वार्ड पंचायत समिति
की सीमाओं का अतिक्रमण नहीं करेगा।
दो से तीन ब्लॉक में भी है कई क्षेत्रों में
जिप वार्ड का दायरा, अब नहीं होगा
अब तक ग्राम पंचायतों के क्षेत्र को इकाई मानने से हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में जिला परिषद वार्ड का दायरा दो से तीन
ब्लॉक में भी फैला हुआ है।
ऐसे में जिला परिषद सदस्यों को सरकारी योजनाओं के लिए अलग-अलग खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के चक्कर काटने पड़ते रहे हैं, मगर अब ऐसा नहीं होगा। अब एक ही बीडीओ के माध्यम से पूरे जिला परिषद वार्ड योजनाओं को लागू किया जाएगा।
जिला परिषद वार्डों की वर्तमान सीमाएं
नियमों में संशोधन के बाद पुनर्सीमांकन के बाद कई जिला परिषद वार्डों की सीमाएं बदल जाएगी। सामान्य क्षेत्रों में प्रत्येक जिला परिषद वार्ड को तय करने के लिए 25 हजार की जनसंख्या को आधार बनाया गया है तो स्वाभाविक रूप से जिला परिषद वार्डों में दूसरे
ब्लॉकों से ली गई ग्राम पंचायतें कटेंगी तो कई अन्य जिला परिषद वार्डों की भी सीमाएं इधर से उधर होंगी।

