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Tue. Jan 13th, 2026

अवैध डंपिंग पर कहां फूटा लोगों का गुस्सा ?

अवैध डंपिंग पर कहां फूटा लोगों का गुस्सा ?

जिला सिरमौर में राष्ट्रीय राजमार्ग 707 का निर्माण कर रही कंपनी का विवादों से पुराना नाता रहा हैं। कभी ब्लास्टिंग, तो कभी खनन, कभी अवैध डंपिंग के कारण
लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेकिन कंपनी है की मानती ही नहीं।

गत दिनों पर्यावरण को हुए नुकसान के सत्यापन के लिए मोर्थ व कंसनटेसि की टीम ने कफोटा एसडीएम की अध्यक्षता में चयनित मौकों का निरीक्षण किया।

इस दौरान स्थानीय लोगों ने मनमाने कार्यों के बारे में कमेटी को अवगत करवाया स्थानीय लोगों ने इस संबंध में कड़े एक्शन की मांग की है लोगों का आरोप है कि अधिकतर डंपिंग अवैध रूप से की गई है जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 के निर्माण में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने समाजसेवी और पर्यावरण प्रेमी नाथूराम चौहान की याचिका पर कड़ा संज्ञान लिया है। नाथू राम चौहान ने कंपनियों की मनमानी से पर्यावरण को हुए नुकसान को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की है। आरोप है कि कंपनी ने सड़क मार्ग की खुदाई से निकले मलबे की अवैध रूप से डंपिंग की है। जिससे निजी और वन विभाग की भूमि को नुकसान हुआ है साथ ही जल स्रोत सिंचाई की नहरें और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं।

अवैध डंपिंग का मलबा बरसाती पानी के साथ बहकर नदियों में चला गया है। लाखों की संख्या में पेड़ पौधे और औषधीय पौधे नष्ट हुए हैं।

शनिवार को एनजीटी के आदेशों पर कफोटा एसडीएम की टीम ने हालात पर रिपोर्ट तैयार करेगी यह रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से एनजीटी को सौंप जाएगी। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने कार्य कर रही कंपनी और मोर्थ को जमकर खरी-कोटी सुनाई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, प्राधिकरण की कंसल्टेंसी कंपनी और स्थानीय प्रशासन के नाक तले कंपनियों ने क्षेत्र में पर्यावरण के नियमों की धज्जियां उड़ाई है। सबसे अधिक नुकसान वन संपदा और नदी नालों को हुआ है। बार-बार शिकायतें करने के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया।

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