पांवटा साहिब: हर मामले में सियासत नहीं होनी चाहिए। बहुत ही दुर्भाग्य की बात है। जो लोग पहले से ही आरक्षण का लाभ ले रहे है अब वो हाटीयों का विरोध कर रहे है। क्या हाटीयों की किसी ने दशा देखी है। हाटी समुदाय में कई गरीब लोग दो जून की रोटी के लिए तरस रहे है। और SC समुदाय में कई अमीर भी हैं। और किन्नौर में भी कई अमीर है। फिर ऐसा क्यों अब कई याचिका दायर हो चुकी है। ताकि हाटीयों को ये लाभ ना मिल सके।
अब किन्नौर छात्र संगठन ने उच्च न्यायालय में हाटी जनजातीय बिल के खिलाफ याचिक दायर की है। माननीय उच्च न्यायालय ने किन्नौर छात्र संगठन की याचिका को गिरिपार अनुसूचित जाति अधिकार समित की याचिका के साथ सलंग्न किया है।

