हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस कमेटी भंग होने के बाद अब कांग्रेस के दोनों ही गुटों के नेताओं के बीच पद पाने के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि एक पद एक व्यक्ति के सिद्धांत को लागू होने से दोनों ही गुटों के नेताओं को इस सिद्धांत का पालन करना पड़ेगा इसलिए कई नेता पद नहीं ले सकेंगे क्योंकि कई सरकार में मंत्री हैं कुछ सीपीएस हैं। अभी अध्यक्ष के बाद पार्टी का सबसे बड़ा महासचिव पद के लिए रजनीश किमटा की दोबारा ताजपोशी की चर्चा है।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस हाईकमान रजनीश किमटा को फिर से महासचिव बना सकती है और उन्हें संगठन महासचिव का जिम्मा दिया जा सकता
है । किमटा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला के भी करीबी हैं। इसलिए उन्हें दोबारा सशक्त दावेदार माना जा रहा है।
अगर सहमति नहीं बनी तो सुक्खू गुट के प्रेम कौशल, होली लॉज गुट के अतुल वर्मा और हरि कृष्ण हिमराल को महासचिव पद का दावेदार
माना जा रहा है।

