नई दिल्ली। हरियाणा चुनाव में किसी भी तरह की अनियमितता के बारे में कांग्रेस के आरोपों को चुनाव आयोग ने निराधार और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया। आयोग के जवाब में कहा गया है कि पार्टी पूरे चुनावी परिणाम की विश्वसनीयता के बारे में संदेह पैदा करने की कोशिश कर रही है।
आयोग ने कहा, मतदान और मतगणना के संवेदनशील समय पर गैर- जिम्मेदाराना आरोप लगाने से सार्वजनिक अशांति और अराजकता पैदा हो सकती है। अधिकारियों के जवाब में 1,642 पृष्ठों के साक्ष्य शामिल हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में आयोग ने कहा, किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल से इस तरह की अपेक्षा नहीं के बराबर होती है। आयोग देश में चुनावी लोकतंत्र को बनाए
रखने और मजबूत बनाने में राजनीतिक दलों के विचारों की महत्ता की सराहना करता है। साथ ही आश्वासन देता है कि वह समय पर शिकायतों के निवारण को लेकर प्रतिबद्ध रहेगा। पिछले एक
साल में 5 विशिष्ट मामलों का हवाला देते हुए, चुनाव आयोग ने लंबा अनुभव रखने वाली राष्ट्रीय पार्टी से उचित परिश्रम करने और बिना किसी सबूत के चुनावी संचालन पर आदतन हमले करने से बचने की सलाह दी। कांग्रेस ने
हरियाणा में जिन 26 विधानसभा क्षेत्रों के बारे में शिकायत की थी, उनका रिटर्निंग अधिकारियों की ओर से गहन पुनर्सत्यापन किया गया।
आयोग ने कांग्रेस पार्टी को चुनाव दर चुनाव निराधार आरोप लगाने से बचने के लिए कहा। साथ ही आयोग ने कांग्रेस से इस तरह की प्रवृत्ति को रोकने के लिए दृढ़ और ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
हरियाणा मेंहाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 में से 48 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस को 37, आईएनएलडी को दो और निर्दलीयों को तीन सीटें मिलीं।इसके बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के राज्य
के चुनाव नतीजों में अनियमितता का आरोप
लगाते हुए चुनाव आयोग से जांच कराने की
मांग की थी। आयोग ने कांग्रेस की सभी
शिकायतों की गहन जांच के बाद पार्टी
अध्यक्ष को पत्र लिखकर जवाब दिया।
आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष को लिखा कि हरियाणा में चुनावी प्रक्रिया का प्रत्येक चरण त्रुटिहीन था। आयोग ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों के अधिकृत प्रतिनिधि सभी चरणों में मौजूद थे। इन चरणों में कमीशनिंग के समय ईवीएम में बैटरी रखना और उसके बाद 7-8 दिनों तक लगातार गिनती खत्म होने तक की प्रक्रिया शामिल है।

