हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में शराब के ठेकों में लूट खसोट का धंधा लगातार जारी है। 1 अप्रैल से ही सुख की सरकार पर शराब माफिया हावी हो गया था। ये सब मिलीभगत से हो रहा है। अब तो शराब के शौकीन उत्तराखंड जा रहे है। पांवटा से सिर्फ 3 KM दूर उत्तराखंड की सीमा पर ठेका हैं। जिस कारण अब पांवटा साहिब में बिक्री कम होने लगी है। उत्तराखंड में एक बोतल पर 100 से 200 रूपए सस्ती है।
पांवटा साहिब में शराब ठेकों में एमएसपी के नाम पर मनमाने दाम वसूले जा रहे है। बीयर की एक बोतल का रेट 180 रुपये है, लेकिन शराब ठेके पर यह 250 में बेची जा रही है । और आईबी का 180 एमएल हिमाचल में 200 और उत्तराखंड में 170 है।
शराब ठेके में संचालक न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) के तय सीमा से अधिक दाम पर ग्राहकों से बीयर के पैसा वसूल रहे है । बीयर की एक बोतल का रेट 180 रुपये है, लेकिन शराब ठेके पर यह 250 में बेची जा रही है । अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए बताया कि ठेकेदार को हिदायत दी है कि भविष्य में दोबारा इस तरह का मामला सामने आने पर शराब ठेकेदार पर जुर्माना भी लगाया जाएगा ओर शराब की दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।राज्य एवं आबकारी विभाग के मुताबिक संज्ञान में आया है कि वित्त वर्ष 2024-25 के कई खुदरा शराब कारोबारियों की ओर से ग्राहकों से शराब और बीयर के तय सीमा से अधिक दाम वसूल किए जा रहे हैं। इसके के मद्देनजर अब विभाग ने ठेकेदारों को निर्देश जारी किए है कि इस तरह की शिकायतों पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस विषय पर अधिकारियों का कहना है कि एमएसपी पर अधिकतम 30 प्रतिशत का ही लाभ लिया जा सकता है। इसके अलावा ग्राहक अधिक दाम वसूलने पर ईमेल रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है यदि नहीं लगाई है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष से अब एमआरपी की जगह एमएसपी पर शराब बेचने का निर्णय लिया है। एमएसपी के तहत तय मूल्य पर विक्रेता अधिक से अधिक 30 प्रतिशत का मुनाफा ही कमा सकता है, लेकिन यहां पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।

