जिला सिरमौर के गिरिपार के गांव शिल्ला में स्थित प्राचीन महासू मंदिर में मंगलवार को कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भी किया गया। गिरिपार क्षेत्र के गांव शिल्ला में दिव्य ज्योति जागृति संस्था द्वारा 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा किया गया है।
कलश यात्रा प्राचीन महासू मंदिर परिसर से शुरू होकर महासू पवित्र जल स्थल तक पहुची तथा महासू जल उठाकर वापस मंदिर परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओ ने पीले वस्त्र पहन कर व सिर पर कलश लेकर शामिल हुई।
इस दौरान महासू मंदिर में कलश लेकर पहुची महिलाओं ने मंदिर प्रांगण में रासा नृत्य व नाटी भी डाली। इससे पूर्व कथा स्थल महासू मंदिर प्रांगण में हवन पूजन किया गया। तथा श्रीमद भागवत यजमान बने नरेश चौहान द्वारा श्रीमद भागवत उठाई गई ।
पहले दिन कथावाचक दिव्य ज्योति जागृती संस्थान व आशुतोष महाराज की शिष्य व्यास साधवी सुश्री गौरी भारती ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा, ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। इसलिए जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक उर्जा का संचार होता है।
उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में भी धारण करें। श्रीमद्भागवत कथा के श्रावण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है।
इस मौके पर पूर्व महिला मंडल प्रधान आशा देवी, वर्तमान महिला मंडल प्रधान बिमला देवी , नरेश चौहान , मुशी राम चौहान , साधुराम चौहान , ओमप्रकाश चौहान , बबलू चौहान सहित सैकड़ो समस्त ग्रामीण उपस्थित रहे ।

