सही कहते है राजनीति में सब जायज हैं। अपनी राजनैतिक जमीन को बचाने के लिए आजकल नेता सुबह किसी एक दल में होते और तो शाम होते होते दूसरे दल का दामन थाम लेते है। ऐसा देश में कई सीट पर हुआ है। लेकिन पंजाब की जालंधर सीट पर कार्यकर्ताओं के हाथ में अब दूसरे दल झंडे है।
एक जून को पंजाब में चुनाव होंगे। इससे पहले सूबे में बड़ा खेल हो रहा है। प्रदेश की जालंधर एक ऐसी सीट है जिस पर तीन प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशी अपनी पुरानी पार्टी छोड़कर आए हैं। इनमें आप प्रत्याशी पवन टीनू भाजपा प्रत्याशी सुशील कुमार रिंकू और शिअद प्रत्याशी मोहिंदर सिंह केपी शामिल हैं।
1 आम आदमी पार्टी छोड़कर सुशील कुमार रिंकू बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है।
2 शिरोमणि अकाली दल छोड़कर पवन कुमार टीनू अब आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है।
3 कांग्रेस छोड़कर मोहिंदर सिंह केपी अब शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर चुनावी मैदान में है। जबकि कांग्रेस ने पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को उम्मीदवार बनाया है।
सभी राजनैतिक दलों की विचारधारा का आलम ये है कि रातों रात टिकट भी दूसरे दल से आए नेता को दे दिया जाता है। और कार्यकर्ता भी क्या करे। जिनका पिछले चुनाव में विरोध किया अब उनके जिताने के लिए फिर से मैदान में डट जाते है।

