जिला सिरमौर का पांवटा साहिब पुलिस उप मंडल उत्तराखंड और हरियाणा की सीमा से लगता है। जिस कारण पांवटा अपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही है। ऐसा लगता है कि
जिला सिरमौर का पांवटा साहिब पुलिस उप मंडल उत्तराखंड और हरियाणा की सीमा से लगता है। जिस कारण पांवटा अपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही है।
अपराधों से निपटने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। आरोपी पकड़े जाते है। लेकिन अपराध करने के बाद।
इस पुलिस उप मंडल के तहत शिलाई पुलिस थाना, पुरुवाला, माजरा और पांवटा साहिब आते है। पिछले एक महीने में रेप, गोलीकांड, हमले और चोरी की एक दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी है।
शिलाई में एक नाबालिग से बलात्कार का मामला सामने आया। इस घटना के बाद पुरुवाला थाना क्षेत्र के तहत निहालगढ़ पंचायत में भाई बहन पर फायरिंग करने की घटना हुई। आचार संहिता के दौरान जब हथियार जमा कर लिए जाते है तब भी हमले में हथियार उपयोग हो रहे है। जबकि हथियार संबंधित थाना में जमा होने चाहिए।
इस गोलीकांड के बाद कुंजा मंतरालियो
पंचायत के उप प्रधान पर हमलावरों ने गंडासे से हमला कर दिया जिससे वह बुरी तरह से जख्मी हो गए। ये घटना पुलिस के सामने हुई। सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में ये सब कुछ हुआ। जहां पुलिस भी मौजूद थी।
इस तरह लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बाद पूरे पांवटा पुलिस उपमंडल में चिंता और खोफ का माहौल है और पुलिस के प्रति नाराज की बढ़ती जा रही है। इसके अलावा बाइक चोरी की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है और नशा तस्कर भी बेलगाम होते जा रहे हैं।
उप प्रधान ने कहा कि इस दौरान उन्होंने पुलिस सहायता कक्ष से मदद मांगी। लेकिन पुलिस हमलावरों को देखकर छुप गई। अगर पुलिस मदद करती तो हमले से बचा जा सकता था।
इसके अलावा पांवटा साहिब में अवैध खनन का सिलसिला जारी है। यहां पांवटा साहिब के साथ बह रही यमुना नदी में अवैध खनन का गोरख धंधा लगातार जारी है। अब तो खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद है की एसडीएम और डीएसपी के आवास के ठीक नीचे यमुना नदी में अवैध खनन किया जा रहा है। जबकि इसी स्थान पर बरसात के दिनों में कटाव भी लग चुका है। जिस कारण आवासीय परिसर के पास खतरा पैदा हो गया है।
यमुना नदी में उत्तराखंड और हिमाचल की सीमा का निर्धारण नहीं होने के कारण जहां भी खनन माफिया को रेत, बजरी और पत्थर मिलते हैं वहीं से उठा लेते हैं हालांकि काफी समय पहले यमुना नदी की सीमा को यमुना नदी के बहाव को माना गया था। क्योंकि हर बरसात में नदी अपना रुख बदलती रहती है। अब तो उत्तराखंड के खनन माफिया यमुना नदी में पानी कम होने के कारण हिमाचल की सीमा पर खनन कर रहे हैं।
अपराधों से निपटने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। आरोपी पकड़े जाते है। लेकिन अपराध करने के बाद।
इस पुलिस उप मंडल के तहत शिलाई पुलिस थाना, पुरुवाला, माजरा और पांवटा साहिब आते है। पिछले एक महीने में रेप, गोलीकांड, हमले और चोरी की एक दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी है।
शिलाई में एक नाबालिग से बलात्कार का मामला सामने आया। इस घटना के बाद पुरुवाला थाना क्षेत्र के तहत निहालगढ़ पंचायत में भाई बहन पर फायरिंग करने की घटना हुई। आचार संहिता के दौरान जब हथियार जमा कर लिए जाते है तब भी हमले में हथियार उपयोग हो रहे है। जबकि हथियार संबंधित थाना में जमा होने चाहिए।
इस गोलीकांड के बाद कुंजा मंतरालियो
पंचायत के उप प्रधान पर हमलावरों ने गंडासे से हमला कर दिया जिससे वह बुरी तरह से जख्मी हो गए। ये घटना पुलिस के सामने हुई। सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में ये सब कुछ हुआ। जहां पुलिस भी मौजूद थी।
इस तरह लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बाद पूरे पांवटा पुलिस उपमंडल में चिंता और खोफ का माहौल है और पुलिस के प्रति नाराज की बढ़ती जा रही है। इसके अलावा बाइक चोरी की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है और नशा तस्कर भी बेलगाम होते जा रहे हैं।
उप प्रधान ने कहा कि इस दौरान उन्होंने पुलिस सहायता कक्ष से मदद मांगी। लेकिन पुलिस हमलावरों को देखकर छुप गई। अगर पुलिस मदद करती तो हमले से बचा जा सकता था।
इसके अलावा पांवटा साहिब में अवैध खनन का सिलसिला जारी है। यहां पांवटा साहिब के साथ बह रही यमुना नदी में अवैध खनन का गोरख धंधा लगातार जारी है। अब तो खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद है की एसडीएम और डीएसपी के आवास के ठीक नीचे यमुना नदी में अवैध खनन किया जा रहा है। जबकि इसी स्थान पर बरसात के दिनों में कटाव भी लग चुका है। जिस कारण आवासीय परिसर के पास खतरा पैदा हो गया है।
यमुना नदी में उत्तराखंड और हिमाचल की सीमा का निर्धारण नहीं होने के कारण जहां भी खनन माफिया को रेत, बजरी और पत्थर मिलते हैं वहीं से उठा लेते हैं हालांकि काफी समय पहले यमुना नदी की सीमा को यमुना नदी के बहाव को माना गया था। क्योंकि हर बरसात में नदी अपना रुख बदलती रहती है। अब तो उत्तराखंड के खनन माफिया यमुना नदी में पानी कम होने के कारण हिमाचल की सीमा पर खनन कर रहे हैं।

