(श्यामलाल पुंडीर) शिमला : रोस्टर में देरी के चलते शहरी निकायों (नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम ) का चुनाव आगे सरक सकता है। हिमाचल राज्य चुनाव आयोग ने शहरी विकास विभाग को रोस्टर लागू करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।
उपायुक्त कार्यालयों में रोस्टर तैयार हैं।
लेकिन विभाग ने रोस्टर लागू करने से
पहले कैबिनेट की मंजूरी लेना आवश्यक
समझी है। ऐसे में उपायुक्तों को पत्र
लिखकर रोस्टर को फिलहाल रोका गया है।
गौरतलब है कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल इस साल दिसंबर में होगा पूरा होगा। राज्य चुनाव आयोग को शहरी निकायों के साथ पंचायती राज
संस्थाओं के भी चुनाव कराने हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर में पूरा होना है। यानी इसके एक महीने बाद शहरी निकायों का चुनाव है। पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनाव साथ साथ आ रहे हैं।
राज्य चुनाव आयोग के लिए इन चुनाव की औपचारिकताएं पूरी करने में भी दिक्कतें
राज्य चुनाव आयोग का मानना है कि रोस्टर लागू न होने से चुनाव की औपचारिकताएं रुकी पड़ी है। अगर चुनाव करने में देरी होती है तो ऐसे में निकायों में प्रशासक की तैनाती
करनी पड़ेगी।
हिमाचल प्रदेश में जनवरी2026 में शहरी निकायों के प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होना है। इससे पहले इलेक्शन कमीशन को चुनाव की तैयारियां पूरा करनी होंगी। मतदाता सूची, पोलिंग पार्टियों के लिए
कर्मचारियों का चयन, स्टेशन फिक्स करने
जनवरी 2026 में पूरा होना है।
पंचायत और शहरी निकायों का कार्यकाल की औपचारिकता, बैलेट पेपर और अन्य स्टेशनरी की छपाई की जानी है। इसके अलावा अनेकों कार्य है, जो आयोग को पूरे करने हैं।
हिमाचल प्रदेश में 73 नगर निगम, नगर पंचायत, नगर परिषद में चुनाव होने हैं। इसे लेकर चुनाव आयोग ने सभी उपायुक्तों को पहले 11 जुलाई, फिर 15 और अंतिम रोस्टर फाइनल करने की अंतिम तारीख 22 जुलाई दी गई थी। लेकिन अभी तक रोस्टर जारी नहीं हुआ है

