शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की दोस्ती किसी से छुपी नहीं है। और पिछले लंबे समय से मुख्यमंत्री दोस्ती निभा भी रहे हैं।पहले बलदेव तोमर को खाद्य आपूर्ति निगम का उपाध्यक्ष बनाया और इसके बाद शिलाई में विकास का स्वर्णिम इतिहास लिखा गया। और अब समुदाय को जनजाति का दर्जा भी दे दिया है।
इसका जिले की पांचो विधानसभा क्षेत्र में भी बीजेपी को लाभ मिलता नजर आ रहा है। इसके अलावा सोलन और शिमला जिले में रहने वाले समुदाय के लोग भारतीय जनता पार्टी का समर्थन कर सकते है।
इसी के साथ ही पांवटा साहिब और शिलाई विधानसभा क्षेत्र में भी ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी और पूर्व विधायक बलदेव तोमर के विरोधियों को अब हार का डर सता रहा है।
क्योंकि हाटी समुदाय के लोग खासकर युवा वर्ग बीजेपी को वोट डालने के मूड में है। युवा वर्ग को रोकना अब कांग्रेस और निर्दलीय के बस में नहीं है क्योंकि युवा वर्ग जानता है कि हमारे लिए जनजाति होना कितना लाभदायक है। गरीबी के कारण जो लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पा रहे थे अब एसटी होने से गरीब लोग भी अच्छी शिक्षा पा सकते हैं।
हालांकि एसटी मिलने का श्रेय कॉन्ग्रेस भी लेना चाहती हैं लेकिन 55 साल से क्यों नहीं कांग्रेस करा सकी ये जनता जानती है। आखिरकार बलदेव तोमर के योगदान को नहीं बुलाया जा सकता। बलदेव तोमर के साथ-साथ ऊर्जा मंत्री सुखराम के खिलाफ विरोधियों भी विरोधियों की फौज खड़ी हुई है उनको भी अब हार का डर सताने लगा है क्योंकि हाटी समुदाय के लोग ऋण चुकाना चाहते हैं।
किस विधान सभा में कितने हाटी
शिलाई विधानसभा की 58 पंचायतें आयेगी। जिसमें कुल गांव 95 है। और ST के 66775 लोग है। जबकि Sc के 30456 लोगों को sc आरक्षण जारी रहेगा।
रेणुकाजी विधानसभा में 44 पंचायत को st का फायदा मिलेगा। 40317 को इसका लाभ होगा जबकि Sc के 29990 लोगों को st का फायदा नहीं मिलेगा लेकिन इनको sc का आरक्षण जारी रहेगा।
पांवटा विधानसभा 18 पंचायतों को st का फायदा होगा। कुल गांव 31 आएँगे st में 25323 को फायदा जबकि sc के 9406 लोगों को st का फायदा नहीं मिलेगा। एससी का आरक्षण जारी रहेगा।
पछाद विधानसभा की 34 पंचायतें और एक नगर पंचायत को st का लाभ मिलेगा और 27261 को st का फायदा मिलेगा।
जबकि Sc के 21594 लोगों नहीं मिलेगा इनको एससी आरक्षण जारी रहेगा।

