सिरमौर के अंशुल शर्मा बने प्रधान
पांवटा साहिब: हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर के कांगू में हिमाचल प्रदेश के नशा मुक्ति केंद्र संचालकों की एक बैठक हुई। जिसमें डीसी एंड आरएसी एचपी (हिमाचल प्रदेश नशा मुक्ति और पुनर्स्थापन केंद्र संचालक समिति ) का गठन किया गया।
इस संगठन का उद्देश्य नशा मुक्ति केंद्रों को एक संगठित मंच प्रदान करना। उनकी कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाना और सरकार व समाज के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
इस मौके पर प्रदेश स्तरीय राज्य कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। जिसमे प्रदेश अध्यक्ष अंशुल शर्मा (सिरमौर), प्रदेश महासचिव विशाल शर्मा (कुल्लू),प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कौशल (ऊना),प्रदेश कोषाध्यक्ष इंद्र वालिया (ऊना),लीगल एडवाइजर प्रणव शर्मा (हाई कोर्ट, शिमला),
मीडिया प्रभारी असीम मेहरा (मंडी),शिकायत एवं अनुशासन समिति प्रमुख दयानन्द शर्मा (पालमपुर) व आयुष शर्मा (हमीरपुर) को चुना गया। नव निर्वाचित महासचिव विशाल शर्मा ने बताया कि इस संगठन के उद्देश्य में सभी केंद्रों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने में सहयोग देना का प्रावधान है।
जबकि सरकार और एचपीएस एम एच ए से समन्वय पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है।प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्रों के तहत स्टाफ को आधुनिक उपचार विधियों से प्रशिक्षित करना है।जबकि जनजागरण अभियान नशा उन्मूलन और पुनर्वास की सकारात्मक छवि बनाना है। अनुशासन समिति अनियमितताओं पर निगरानी और सुधार सुनिश्चित करेगी। जबकि
कानूनी एवं आर्थिक सहयोग संचालकों को कानूनी सुरक्षा और अनुदान योजनाओं का लाभ दिलाना होगा।डाटा संग्रह एवं विश्लेषण को नीतिगत सुधारों के लिए नशा मुक्ति से जुड़े आँकड़ों का अध्ययन के लिए होगा। मरीजों और शिकायतों के समाधान के लिए संघ जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर लॉन्च करेगा, जो हिमाचल के सभी नशा मुक्ति केंद्रों में उपलब्ध होगा। यह हेल्पलाइन मरीजों की मदद और शिकायतों के समाधान के लिए समर्पित रहेगी।
उन्होने कहा कि यह संगठन हिमाचल में नशा मुक्ति अभियान को अधिक प्रभावी और संगठित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सभी नशा मुक्ति केंद्र संचालकों से अनुरोध है कि वे समिति से जुड़ें और इस मिशन को आगे बढ़ाएँ।
इस बैठक में मनोज कौशल, अंशुल शर्मा, दयानंद शर्मा, विशाल, पुरन देव शर्मा, आयुष्मान, आयुष शर्मा, सुरजीत सिंह, सोनू, विक्रम कुमार, असीम मेहरा, हरदीप मान, दीपक, सुशील कुमार, गुरप्रीत सिंह सहित कई प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल का समर्थन किया और नशामुक्त हिमाचल के लक्ष्य को साकार करने के लिए संगठन के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

