जिला सिरमौर के पांवटा साहिब शहर में सड़कों पर घूम रही बे सहारा गो वंश की रक्षा के लिए गौ रक्षक सचिन ओबरॉय अपने साथियों के साथ आज धरने पर बैठ गए हैं।
सचिन ओबरॉय ने कहा कि बीते वर्ष हमने समूचे जिला सिरमौर में सड़कों पर तड़प-तड़प कर प्राण त्यागने को
मज़बूर गोमाता के संरक्षण की मांग को लेकर सितम्बर 2021 में एक दिवसीय भूख हड़ताल तथा अक्टूबर
माह में 5 दिवसीय अनशन रामलीला मैदान में किया था।
उस वक्त प्रशासन ने ये कहकर अनशन तुड़वाया था की आगामी 30 नवम्बर 2021 तक जिला सिरमौर में सभी बे सहारा गो वंश को गौ शालाओं में भेज दिया जाएगा।
पशुपालन विभाग ने ऐलान किया था कि सभी बे सहारा गो वंश को काऊ सेंचुरी भेज दिया जाएगा तथा गोमाता को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की भी जाएगी।
लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी हम सबकी गोमाता आज भी जिलाभर की सड़कों पर गोवंश को मरने के लिए छोड़ दिया है। इससे साफ़ ज़ाहिर है की जिला प्रशासन द्वारा समस्त गोसेवकों व समाज के साथ झूठा वायदा करते हुए गोमाता के नाम पर भी एक भद्दा मजाक करते हुए
हम सबकी भावनाओं को आहात किया गया है।
आज भी रोजाना जिला भर में दर्जनों गोवंश सड़क पर तड़प तड़प कर मर रहा है जिसके कारण अब हम स्वयं को ठगा सा महसूस करते हुए फिर गोसंरक्षण की अपनी मांग को मांग को दोहराते आज पांवटा साहिब के भगवान परशुराम चौक के समीप अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शान्तिपूर्ण धरने पर बैठ गए है।
इस मौके पर हिन्दू जागरण मंच के अजय संसरवाल संसरवाल, व्यवस्था परिवर्तन मंच के सुनील चौधरी और समाजसेवी हेमंत शर्मा भी उनके साथ है।

