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Wed. Jan 14th, 2026

गरीबों की मदद को हमेशा तैयार रहते है ये समाजसेवी

गरीबों की मदद को हमेशा तैयार रहते है ये समाजसेवी

पांवटा साहिब : सेवानिवृत्त शिक्षक व पांवटा साहिब के प्रसिद्ध समाजसेवी जगदीश चौधरी किसी पहचान के मोहताज नहीं है। वह रात-दिन गरीबों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। वह जब वह किसी को परेशानी में देखते हैं, उनके साथ चल पड़ते हैं। वह शिक्षक के तौर पर भी समाज के लिए भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

स्कूल में बच्चों का भविष्य संवारने वाले जगदीश चौधरी अब पांवटा विधानसभा क्षेत्र में राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय हैं। वह राजनेता के तौर पर भी अपनी सेवाएं
दे रहे हैं। जगदीश चौधरी को जब शिक्षा विभाग में शिक्षक के तौर पर सेवा करने का मौका मिला तो उनकी ड्यूटी 1978 में दुर्गम संगडाह क्षेत्र के लाना पालर में लगी। उन्होंने वहां पर भी अपनी छाप छोड़ी। इसके बाद शिलाई क्षेत्र के बड़वास भी बतौर शिक्षक उन्होंने अपनी डयूटी दी।

और साथ-साथ उन्होंने कांग्रेस पार्टी में भी एक सक्रिय कार्यकर्ता की भूमिका निभाई। वह अपने हाथों से वोटर लिस्ट तैयार करतेथे। उस वक्त कंप्यूटर नहीं होते थे। इसके अलावा संगठन को मजबूत करने के लिए वह प्रचार करते रहे हैं। कई बार उनको लाठियां भी खानी पड़ी। उन पर कई बार हमले भी हुए हैं। फिर भी उन्होंने संगठन का साथ नहीं छोड़ा। कई बार इस कारण राजनैतिक दुर्भावना से तबादले भी हुए, मगर उन्होंने अपना काम जारी रखा और वह पीछे नहीं हटे। संगठन के लिए काम करते रहे।

वर्ष 1990 से 2012 के बीच में शिक्षक के तौर पर भी अपनी ड्यूटी निभाई और कांग्रेस में एक आम कार्यकर्ता के तौर काम किया। वह 2012 में सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने उनको कई पदों से नवाजा। उन्हें प्रदेश ओबीसी सैल का महामंत्री बनाया। जिला कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष के पद पर भी वह पार्टी के लिए सेवाएं दी।

उनके बढ़ती लोकप्रियत के चलते बाहती समुदाय भी उनके साथ खड़ा है। बाहती समुदाय के लोग इस बार उनको कांग्रेस के टिकट की मांग कर रहे हैं। उन्होंने 2012 में भी टिकट की दावेदारी की थी, 2017 और 2022 में भी दावेदारी की है। अब देखना है कि कांग्रेस पार्टी किसको पांवटा से उम्मीदवार बनाती है। जगदीश चौधरी भी टिकट के प्रबल दावेदार है।

भाजपा बाहती समुदाय को टिकट देती रही है। तो जीत रही हैं।जगदीश चौधरी दशकों से संगठन का काम कर रहे हैं। उनकी साफ छवि भी उन्हें टिकट का प्रबल दावेदार बनाती है।जगदीश चौधरी का जन्म 24 फरवरी 1954 को अंजौली में हुआ। इसके बाद उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से ही की। इसके बाद पांवटा गुरूद्वारा में 11वीं की कक्षाएं चलती थी। वहां पर शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद वह सोलन चले गए। वहां के संस्कृत कॉलेज से प्रभाकर किया। फिर एलटी डीएवीरोहतक हरियाणा से पास की। 1978 में उन्हें शिक्षक के तौर पर नौकरी मिली।

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