हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार राजहठ, बालहठ और त्रियाहठ में फंस गई है। राजहठ का मतलब है शाही हठ।
राजहठ, बालहठ, और स्त्री हठ में सबसे बड़ा राजहठ होता है। राजहठ का दायरा बड़ा होता है और इससे देश की जनता और कभी-कभी पूरी मानवता प्रभावित हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह ईमानदारी से सरकार चला रहे है। लेकिन सबसे पहले उन्होंने भूल ये की हमीरपुर जिले से ही मुख्यमंत्री खुद और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्नोहत्री को बना दिया। राजेंद्र राणा कुछ नही मिला।
दूसरी बात शिमला जिले से उन्हें अपने लोगों को जगह देने के लिए कांगड़ा में सुधीर शर्मा और कई अन्य को नाराज कर दिया। अब कांग्रेस के विधायक बुरी तरह फंस चुके है। पूर्व सीएम के बेटे विक्रमादित्य और प्रतिभा सिंह मानने वाली नहीं है और अब इनके साथ कौन रहेगा और कौन नहीं रहेगा अब इस बात बड़ा प्रश्न उठ चुका है।
अब सोशल मीडिया पर विक्रमादित्य कांग्रेस वीरभद्र के नाम से पार्टी बनाने जा रहे हैं। इससे पहले भी जब भी वीरभद्र को परेशान किया गया तो उन्होंने शरद पवार से बात की थी। और कांग्रेस हिल गई थी इसलिए अब सीएम हटाने पर ये अड़े है बाकी वक्त बताएगा कि क्या होने वाला है।
कांग्रेस के हाई कमान ने वीरभद्र सिंह को भी बहुत परेशान किया था उनको उद्योग से लघु उद्योग में डाला गया। इसके अलावा विक्रमादित्य को प्रदेश युवा मोर्चा का अध्यक्ष नहीं बनने दिया था। प्रतिभा सिंह को भी परेशानी किया गया। लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व यह नहीं समझता की प्रदेश में जो कांग्रेस सरकार आई है। पूर्व सीएम वीरभद्र की फोटो लगाकर जीती है।

