हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि अभिभावकों को अपनी रुचि बच्चों पर नहीं थोपनी चाहिए बल्कि अपने बच्चों को उनकी प्रतिभा देखकर आगे बढ़ने दे। नहीं तो
राजस्थान के कोटा जैसी हालत हो जाएगी जहां बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। वह यहां माजरा स्थित एक निजी स्कूल में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि बच्चे स्कूल में सीखने के लिए आते हैं और घर में माता-पिता भी बच्चों से ही पूछते हैं क्या पढ़कर आया है जबकि बच्चों को पहले उनके स्वास्थ्य और खाने पीने के बारे में पूछना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज माता-पिता अपनी भाग दौड़ की जिंदगी के कारण बच्चों के हाथ में मोबाइल पकड़ा देते हैं और उनको मोबाइल पकड़ाकर खाना खिलाते हैं। इससे बच्चों को पता ही नहीं चलता कि वह क्या चीज खा रहा है।
उन्होंने कहा कि आजकल नौकरी सीमित है और प्रतिस्पर्धा अधिक है। इसलिए बच्चों को रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज भारत ने विश्व में अपना स्थान बनाया है तभी व्हाइट हाउस में भारतीयों को इस तरह जाते देख रहे है। और आज देश का प्रधानमंत्री जब किसी देश में जाते है तो अब कई हाथ ही नहीं मिलाते बल्कि उनके पैर भी छूते है।
उन्होंने कहा कि आज नशे से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है इसके लिए अभिभावक भी ध्यान रखे। यह काम केवल पुलिस और प्रशासन का नहीं है।

