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Tue. Jan 13th, 2026

ना ख़ुदा ही मिला, ना विसाल-ए-सनम, न इधर के रहे ना

ना ख़ुदा ही मिला, ना विसाल-ए-सनम, न इधर के रहे ना

राजस्थान में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है। पिछले महीने ही राजस्थान में बहुमत से सरकार बनाने वाली बीजेपी आज श्रीगंगानगर जिले की करणपुर सीट हार गई है। चुनाव से पहले ही मंत्री बना दिए गए बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को कांग्रेस के रुपिंद्र सिंह कुन्नर ने भारी मतों से हरा दिया है। अब सुरेंद्र पाल विधायक नही बने तो जाहिर है मंत्री भी नही रहेंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान की करणपुर विधानसभा सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था। हाल ही में चुनाव आयोग ने इस सीट पर वोटिंग कराई और आज चुनाव रिजल्ट जारी किया। जहां करणपुर चुनाव रिजल्ट में बीजेपी को करारी शिकस्त मिली।

कई राउंड तक कांग्रेस प्रत्याशी रुपिंदर पाल सिंह से पीछे चलते रहे और अंत तक पीछे ही रहे और सीट गंवा दी। फिलहाल सुरेंद्र पाल सिंह टीटी की हार ने बीजेपी को बड़ा झटका दिया है।

राजस्थान में बहुमत से सरकार बनाने के बाद बीजेपी इतने ज्यादा आत्मविश्वास में आ गई कि वह करणपुर सीट पर अपनी जीत पक्की मानकर चल रही थी। बीजेपी को भरोसा था कि वह करणपुर सीट जीत जाएगी।

नतीजतन बीजेपी ने चुनाव प्रक्रिया के बीच में ही अपने प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मंत्री बना डाला। यानि सुरेंद्र पाल सिंह टीटी अभी विधायक नहीं चुने गए थे और बीजेपी ने उन्हें सीधा मंत्री बना दिया।

इसी के साथ राजस्थान के नए सीएम भजन लाल शर्मा भी अपनी पहली परीक्षा में फेल हो गए। बीजेपी हाईकमान के सामने भजन लाल शर्मा अब क्या जवाब देंगे?

करणपुर सीट पर बीजेपी की हार के कई कारण हो सकते हैं लेकिन मुख्य कारण सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मंत्री बनाया जाना माना जा रहा है।

चुनाव और हार-जीत के निर्णय से पहले टीटी को मंत्री बनाए जाने से जनता में ऐसा मैसेज गया कि उनके वोटों की कोई वैल्यू ही नहीं रही। सरकार ने पहले ही टीटी को जीता हुआ मान लिया है। इस तरह के मैसेज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान करणपुर सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुन्नर का निधन हो गया था। कुन्नर के निधन के बाद चुनाव स्थगित कर दिये गए. जिसके बाद कांग्रेस ने गुरमीत के बेटे रुपिंदर सिंह कुन्नर को प्रत्याशी बनाया।

यहां अब बीजेपी की हार का दूसरा कारण भी है। माना जा रहा है कि बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी की हार का एक बड़ा कारण कांग्रेस प्रत्याशी के प्रति सहानुभूती फैक्टर भी रहा

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