
श्यामलाल पुंडीर…
पांवटा साहिब: कल यमुना नदी में शिलाई क्षेत्र के 3 युवाओं की डूबने से दर्दनाक घटना हुई। आज राहत व बचाव कार्य में 6 टीमों को लगाया गया, जिनके अथक प्रयासों से 1 शव बरामद कर लिया गया है। शेष युवाओं की तलाश का अभियान कल भी जारी रहेगा। आज ये बात एसडीएम पांवटा गुंजित सिंह चीमा ने मीडिया को जारी बयान में कही।
उन्होंने ये भी कहा कि पिछले 15 वर्षों से हर वर्ष मानसून अवधि के दौरान ही तैराक/गोताखोर नदी पर तैनात किए जाते हैं और पानी का स्तर ख़तरे के निशान से नीचे आते ही उन्हें वापस बुला लिया जाता है। इस वर्ष भी 15 सितम्बर को यही प्रोटोकॉल लागू हुआ था। स्थायी गोताखोरों की व्यवस्था का कोई प्रावधान नहीं है।
हम बार-बार नागरिकों से अपील करते आए हैं कि किसी भी परिस्थिति में नदी या अन्य जलाशयों में अपनी जान जोखिम में न डालें। गोताखोर भी हमारे जैसे परिवार वाले इंसान हैं।
यह सर्च और रेस्क्यू मिशन करते-करते हम भी टूट गए हैं, हमारा दिल रो रहा है, हम बेहद परेशान हैं। किसी भी परिवार को इस असहनीय दर्द से न गुज़रना पड़े, यही हमारी प्रार्थना है।
युवा साथियों से विशेष अपील की जाती है कि कृपया चाहे आप अच्छे तैराक ही क्यों न हों, कभी भी गहरी यमुना नदी में प्रवेश न करें। नदी की धारा और गहराई बहुत खतरनाक होती है।
आज यह माँग उठ रही है कि यमुना घाटों का सुनियोजित प्रबंधन होना चाहिए।यह बिल्कुल आवश्यक है। हम उपायुक्त महोदय से विनम्र निवेदन करते हैं कि गोताखोरों की लगभग पूरे वर्ष तैनाती और अन्य सुरक्षा सुविधाओं का प्रावधान किया जाए। हम दिवंगत युवाओं के परिवारों के साथ पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ खड़े हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।
