पांवटा साहिब: नगर परिषद मैदान पांवटा साहिब में राज्य स्तरीय यमुना शरद महोत्सव शुरू हो गया है। कार्यक्रम की प्रथम सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ
मुख्यातिथि जिला उपायुक्त सुमित खिमटा ने किया। एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने टोपी शॉल व स्मृति चिह्न भेंटकर मुख्यातिथि उपायुक्त सुमित खिमटा को सम्मानित किया।
प्रथम संध्या नाटी किंग कुलदीप शर्मा के नाम रही। नाटी किंग कुलदीप शर्मा ने लोकगीतों की प्रस्तुति देकर खूब धमाल मचाया। कुलदीप शर्मा की
नाटी पर लोग जमकर नाचे। नाटी किंग
ने सबसे पहले पहाड़ी बन्दे, तू तो आई मिलदी शिमले खे, ठेकेदारनिये,शिल्पा शिमले
वालिए,’ रोहडू जाणा मेरी आमिये, आदि अपने हिट गाने गाए। इस दौरान कुलदीप शर्मा मंच से उतर कर भीड़ में जाकर दर्शकों को खूब नचाया।
इससे पहले शिमला से अभिज्ञा बैंड ,जोगिंद्र हब्बी व सुरेंद्र शर्मा रमेश कटोच ने भी अपनी प्रस्तुति दी।
इस मौके पर एसडीएम पांवटा गुंजीत सिंह चीमा, तहसीलदार ऋषभ शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष निर्मल कौर, उपाध्यक्ष ओपी कटारिया, डॉ. हरलीन कौर, पूर्व पार्षद धनबीर कपूर आदि मौजूद थे।
हमारी संस्कृति के आदान प्रदान में मेलों और महोत्सव का बड़ा योगदान : डीसी
इस मौके पर डीसी सिरमौर सुमित खिमटा ने कहा कि सिरमौर जनपद में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में अपना प्रमुख स्थान रखता है, वर्ष भर क्षेत्रवासी इस आयोजन की प्रतीक्षा करते हैं। हम सबका सौभाग्य है कि पवित्र यमुना नदी पांवटा साहिब से होकर गुजरती है। भारत की सबसे पवित्र और प्राचीन नदियों में यमुना का स्मरण गंगा के साथ ही किया जाता है।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति के आदान प्रदान में मेलों का बहुत बड़ा योगदान है इनके माध्यम से जहां लोगों में मेल मिलाप होता है।
उन्होंने कहा कि महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में जहां हमारी संस्कृति का विस्तार और संरक्षण होता है वहीं पर इससे लोगों का मनोरंजन भी होता है। इससे पहले उपायुक्त ने यमुना घाट पर यमुना आरती में भाग लिया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।

