पांवटा साहिब : गुरुनानक मिशन पब्लिक स्कूल के निदेशक बीएस सैनी आज पंचतत्व में विलीन हो गए। यहां यमुना तट पर स्थित स्वर्ग धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन को सैंकड़ों लोग पहुंचे। बीएस सैनी का गत रात्रि जेसी जुनेजा अस्पताल में हार्ट अटैक से निधन हो गया था।
जिला सिरमौर के पाँवटा साहिब के शुभखेड़ा स्थित गुरू नानक मिशन पब्लिक स्कूल के माध्यम से शिक्षा के अग्रदूत बनकर आए प्रसिद्ध शिक्षाविद और स्कूल के निदेशक बीएस सैनी के निधन को पांवटा साहिब में एक युग का अंत माना जा रहा है।
उनके निधन से सिरमौर ही नही अपितू पूरे प्रदेश के शिक्षा जगत में शोक की लहर है। यह छात्रों, स्टाफ और अभिभावकों के लिए भी बड़ी दुखद खबर है। यही कारण है कि बुधवार को स्कूल में अवकाश रखा गया है। और वीरवार को भी अवकाश रखा गया है।
शिक्षाविद बीएस सैनी ने पूरी उम्र बच्चों के भविष्य को संवारने में लगा दी थी। उनके स्कूल से शिक्षा लेकर निकले हजारों लाखों बच्चें आज देश निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे है। वह राष्ट्र निर्माता थे और शिक्षक दिवस के एक दिन बाद उनका देहांत हो गया।
उन्होने निजी स्कूलों को एकजुट रखने के लिए सिरमौर एजुकेशन डेवलपमेंट सोसाइटी का गठन भी किया था। इस मंच से वह निजी स्कूलों की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाते थे। सोसायटी हर वर्ष शिक्षक दिवस के मौके पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करती है।
इस बार भी सोमवार को कार्यक्रम था। उन्होंने कार्यक्रम को जारी रखने के लिए कह दिया था। उनके निधन पर शहर के गणमान्य लोगों ने दुख प्रकट किया है।
उनकी भरपाई करना मुश्किल है।
स्कूल की प्रधानाचार्या दविंद्र कौर साहनी ने कहा कि इस खबर से सभी स्टाफ भी सदमे में है इसलिए बुधवार और गुरुवार को स्कूल में अवकाश घोषित किया गया है।
जाने माने शिक्षाविद का निधन शिक्षा जगत तथा सामाजिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शिक्षाविद ने अपना जीवन काल बच्चों के भविष्य व सामाजिक सौहार्द लिए समर्पित किया
हाटी समिति ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। गिरिपार हाटी समुदाय केंद्रीय समिति के अध्यक्ष डा अमीचंद कमल, पांवटा साहिब इकाई अध्यक्ष ओपी चौहान और अन्य सभी हाटी समुदाय के लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य और निदेशक भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

