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Wed. Apr 22nd, 2026

मां.. मैं भाई की शादी में नहीं आ पाऊंगी ; देश पहले, इस दिन भारत -पाकिस्तान मैच

मां.. मैं भाई की शादी में नहीं आ पाऊंगी ;  देश पहले, इस दिन भारत -पाकिस्तान मैच
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मां..मैं भाई की शादी में नहीं आ पाऊंगी क्योंकि 19 और 20 जुलाई को भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप का मैच है और 19 और 20 जुलाई को ही रेणुका ठाकुर की बड़े भाई की शादी है। इनको मां ने फोन किया तो हिमाचल की क्रिकेट रेणुका ठाकुर ने यही कहा। उन्होंने कहा कि परिवार से पहले देश है आप भाई की शादी धूमधाम से करो मैं उनसे बाद में मिलेगी।

कौन है रेणुका ठाकुर

रेणुका सिंह का जन्म 1 फरवरी 1996 को हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुआ था। उनके हाथ पर पिता के साथ खेलती हुई बेटी का टैटू बना हुआ है। उन्होंने इसे अपने पिता केहर सिंह ठाकुर की याद में बनवाया है, जिनकी 1999 में मृत्यु हो गई थी। वह रोहड़ू में हिमाचल प्रदेश के सिंचाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में काम करते थे। सही मायने में क्रिकेट के मैदान पर उनकी सफलता उनके पिता के सपने का ही प्रतिबिंब है।केहर सिंह क्रिकेट के दीवाने थे। इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि उनके बड़े बेटे विनोद का नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली के नाम पर रखा गया है।

पिता की मृत्यु के बाद रेणुका की मां सुनीता को 2000 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में अपने पति की नौकरी की जगह काम करना पड़ा, जबकि उनके बच्चों को शुरू से क्रिकेट में खास लगाव रहा। वे गांव के ही एक टूर्नामेंट में खेलते थे, जहां कभी-कभी रेणुका सुबह और शाम दोनों मैचों में दिखाई देने वाली एकमात्र लड़की होती थीं। उनकी मां सुनीता दो बच्चों के लिए क्रिकेट का खर्च नहीं उठा सकती थीं, इसलिए ना चाहते हुए भी विनोद को यह खेल छोड़ना पड़ा।

साल 2009 में लड़कियों के लिए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की आवासीय अकादमी में शामिल होने के बाद रेणुका के करियर को काफी बढ़ावा मिला। पहाड़ी इलाकों से आने के कारण वह स्वाभाविक रूप से फिट थीं, और अकादमी के कोचों ने उनकी सहनशक्ति को बढ़ाने के लिए उनसे क्रॉस-कंट्री रन करवाया।

रेणुका ने अकादमी में अपने कार्यकाल के दौरान अपनी लाइन और लेंथ के साथ अच्छी गति और नियंत्रण भी हासिल किया। इस दौरान इन-स्विंग और यॉर्कर के अलावा, उन्होंने लेग-कटर गेंदबाजी करने में भी महारत हासिल की।

रेणुका सिंह ने 2016 में कर्नाटक के खिलाफ अंडर-19 मैच में हैट्रिक ली और 2019 में बीसीसीआई महिला वनडे टूर्नामेंट में 23 विकेट के साथ सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनकर उभरीं। रेणुका सिंह को रेलवे में नौकरी मिल गई। अपने पहले 5 वनडे में 9 विकेट लेकर वह सुर्खियों में आईं और जिसके चलते साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उन्हें अपना अंतरराष्ट्रीय T20 डेब्यू करने का मौका मिला था।

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