श्यामलाल पुंडीर…..
पांवटा साहिब: श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें गुरता गद्दी दिवस पर श्री गुरुद्वारा पांवटा साहिब में समागम का आयोजन किया गया। इस दाैरान रागी जत्थों ने शब्द कीर्तन से संगत को निहाल किया। इस दौरान वाहेगुरु के जयकारों से पांवटा घाटी गूंज उठी। इस आयोजन में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल समेत कई राज्यों से संगत पहुंची और शीश नवाया।
इस दौरान कवि दरबार सजाया गया। जिसमें कवियों ने कविता पाठ के माध्यम से गुरु जी की महिमा का गुणगान किया। इसमें भाई सिमरप्रीत सिंह, भाई रवनीत सिंह, भाई शुभदीप सिंह, भाई बलप्रीत सिंह, भाई करनैल सिंह, भाई गुरमीत सिंह, ज्ञानी गुरप्रीत सिंह, भाई तरनवीर सिंह, भाई सरबजीत सिंह और भाई मनप्रीत सिंह ने कविता पाठ किया।
श्री गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से इस मौके पर संगत के लिए लंगर और जलपान की विशेष व्यवस्था की गई थी। बाहर से आई संगत के लिए गुरुद्वारा परिसर और यात्री निवास में ठहरने के लिए व्यवस्था की गई थी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और पार्किंग की सुविधा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरा पांवटा साहिब और गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब को दुल्हन की तरह सजाया गया।
