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Wed. Jun 3rd, 2026

आखिर विद्युत बोर्ड कर्मचारियों मांगे क्या है क्यों सड़क पर उतरे ?

आखिर विद्युत बोर्ड कर्मचारियों मांगे क्या है क्यों सड़क पर उतरे ?
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राज्यव्यापी हड़ताल और ब्लैकआउट की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनर्स ने आज पांवटा साहिब में एक सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष (जनरेशन विंग) भगवान दास और राज्य उपाध्यक्ष (ट्रांसमिशन विंग) सुनील कुमार ने किया प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और कई महत्वपूर्ण मांगों को पूरा करने की अपील की।

इन मांगों में 51 इंजीनियरों के पदों को बहाल करना, हाल ही में हुई 81 ड्राइवरों की छंटनी के आदेश को रद्द करना, ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू करना, 2010 के पुनर्गठन समझौते का पालन सुनिश्चित करना, 2023 में स्वीकृत 1030 पदों को शीघ्र भरना, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित वेतन और भत्तों का भुगतान करना, और लंबित बिलों और छुट्टी के भुगतान की मांग शामिल है।
यदि सरकार और प्रबंधन इन जायज मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं करते हैं, तो विद्युत बोर्ड कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने राज्यव्यापी हड़ताल और ब्लैकआउट की चेतावनी दी है। इस स्थिति के लिए सरकार और प्रबंधन जिम्मेदार होंगे।
आज के धरने में पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतीश गुप्ता, उप प्रधान पूरण ठाकुर, पांवटा इकाई के प्रधान निर्मल , महामंत्री संजय कुमार, उप प्रधान इम्तियाज़ हाशमी, गिरीनगर इकाई के प्रधान हंसराज, और ज्वाइंट फ्रंट के इंजीनियर अंशुल ठाकुर, अमित, मुकेश, आउटसोर्स के प्रधान अंकुर,महामंत्री राजेश चौहान यूनिट सेकेट्री संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्युत बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर और पेंशनर्स ने भाग लिया।

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