भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विवेक शर्मा ने कसौली लिट फेस्टिवल पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा
कि स्वयंभू बुद्धिजीवी, विचारक, शोधकर्ता, इतिहासकार और राष्ट्रीय आलोचकों का जमावड़ा
कई वर्षों से कसौली में लगा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें राष्ट्र को कोसने, राष्ट्र की नीतियों पर आलोचना से लेकर अंतरराष्ट्रीय
संबंधों पर कुंठा ग्रसित लोग राष्ट्र विरोधी विचार प्रस्तुत करते हैं। यह एक बौद्धिक जिहाद जैसा
है। वास्तव में यह मौज मस्ती के ठिकाने पर राष्ट्र को कोसने और अभद्रता को परोसने का केंद्र
स्थापित हो गया है। मेरा हिमाचल प्रदेश प्रशासन व सरकार से आग्रह है कि इस राष्ट्र विरोधी वैचारिक
जिहाद से सख्ती से निपटा जाए। बौद्धिक जिहाद मानवीय अपराध से अधिक खतरनाक होता है।

