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Wed. Apr 8th, 2026

दुनिया की सबसे महंगी सब्जी ‘गुच्छी’ अब पहाड़ों पर ही नहीं, घर पर उगाए

दुनिया की सबसे महंगी सब्जी ‘गुच्छी’ अब पहाड़ों पर ही नहीं, घर पर उगाए
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5 साल की कड़ी मेहनत के बाद मिली वैज्ञानिकों को सफलता

हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले जंगलों में प्राकृतिक तौर पर उगने वाली गुच्छी मशरूम (अंग्रेजी नाम मोर्केला) को अब घरों में भी उगाया जा सकेगा।
डायरेक्टरेट ऑफ मशरूम रिसर्च
(डीएमआर) के वैज्ञानिकों ने गुच्छी
का बीज तैयार करने में सफलता
हासिल की है। इसके लिए डीएमआर
के वैज्ञानिक करीब 5 साल से शोध
कर रहे हैं। सब्जी के रूप में इस्तेमाल होने वाली गुच्छी की कीमत बाजार में
30 से 40 हजार रुपए प्रति किलो
है। लोग अब इसे घर में तैयार कर सकते है।
गुच्छी में पोषक तत्त्व

डीएमआर के विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार
मुताबिक गुच्छी में कई प्रकार के औषधीय तत्व होते हैं। इसमें विटामिन डी, सी, के, आयरन, कॉपर, जिंक व फॉस्फोरस अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह हार्ट की बीमारियों में संजीवनी का काम करती है। इसके अलावा
गठिया, थायराइड, बोन हेल्थ व मानसिक तनाव को खत्म करने के लिए भी यह सहायक मानी जाती है। शरीर की चोट को भी जल्द भरने में यह लाभकारी है।
हैं।
जंगलों में ऐसी उगती है गुच्छी
अच्छी आमदनी कर सकते
गुच्छी हिमाचल प्रदेश के चंबा,
कुल्लू- मनाली, शिमला जिला
के ऊंचाई वाले जंगलों में फरवरी
से अप्रैल तक प्राकृतिक तौर पर
उगती है। यह भारत के हिमाचल,
उत्तराखंड, कश्मीर और नेपाल में
पाई जाती है। स्थानीय लोग इसे
घरों में भी उगा सकेंगे
जंगलों में खोज कर बाजार में
बेचते हैं। इसे खेतों में उगाना संभव
नहीं है क्योंकि इसका बीज तैयार
नहीं हो पाया था। अब डीएमआर
के वैज्ञानिकों ने इस पर सफलता
हासिल की है।
हिमाचल प्रदेश के लोग गुच्छी
की सब्जी बनाते हैं। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी भी गुच्छी की सब्जी के
मुरीद हैं। वे स्वयं कई जनसभाओं
में इसका जिक्र कर चुके हैं।
दवाओं में भी इसका उपयोग होता
है। भारत के अलावा बाहरी देशों
अमेरिका, फ्रांस, इटली, जर्मनी
और स्विट्जरलैंड में भी गुच्छी की
बड़ी डिमांड रहती है।
में
5 साल बाद मिली सफलता
डीएमआर सोलन के डायरेक्टर डॉ.
वीपी शर्मा ने कहा कि अभी तक प्रदेश
6500 फीट से अधिक की ऊंचाई में
गुच्छी देवदार, कायल आदि के जंगलों
मैं प्राकृतिक रूप से उगती है। प्राकृतिक
और कमरे में उगाई गई गुच्छी की
गुणवत्ता भी समान है। इसके लिए दिन
का तापमान 15 से 20 डिग्री सेल्सियस
के बीच और रात का तापमान 5 से 9
डिग्री सेल्सियस के बीच होने पर यह
तेजी से ग्रोथ करता है। संस्थान में 5
साल से गुच्छी पर शोध शुरू किया
शोध में पूरी सफलता हासिल हुई
इस सफलता के लिए वैज्ञानिकों ने
कड़ी मेहनत की है।

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