एक अधिशासी अभियंता के सरकारी आवास के बाहर कुछ दिन पहले हंगामा हुआ था। हैरानी की बात ये है कि इस एक्सन का अपना घर पांवटा में है। फिर सरकारी आवास में क्या कर रहा था। गाड़ी सरकारी थी। पुलिस तक भी मामला पहुंचा था। लेकिन इसके बाद कार्यवाही नही। बयान दर्ज नहीं किए या नही। इसलिए मामला गंभीर है।
ये मामला एक्सन के सरकारी आवास बाहर हुआ था। जब एक 25-26 वर्षीय एक युवती अपनी जान बचाने को जोर-जोर से चिल्लाने लगी थी।
एक वन रक्षक ने बताया कि एक्सन आवास के बाहर एक युवती डरी सहमी बुरी तरह से चिल्ला रही रही थी। नशे का इंजेक्शन दिया गया है और उसके साथ बहुत गलत किया जा रहा है।
वह अब जीना नहीं चाहती। चश्मदीद वनरक्षक ने बताया कि उसकी हालत देखकर उन्होंने अपने वन अधिकारी से पुलिस को सूचित करने के लिए मोबाइल नंबर लिया और उन्होंने पुलिस को फोन भी किया।
लेकिन लड़की किसी खतरे को भांपते हुए दीवार फांदकर नीचे यमुना पार्क की और भाग गई । उसके बाद मौके पर मौजूद दो तीन बेलदार लड़की के पीछे पार्क तक पहुंच गए ।
यमुना पार्क में वह यूवती मिल गई इस दौरान पुलिस की पीसीआर भी मौके पर पहुंच गई। बुरी हालत में उस यूवती के कपड़ों को भी ठीक किया। उसकी हालत बेहद खराब थी। लड़की को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
वन रक्षक ने बताया कि यूवती बार बार कह रही थी कि उसे नशे का इंजेक्शन लगाकर लाया गया था। एक अधिकारी ने यूवती ने जोर जबरदस्ती कर रहा था इसके बाद उसने उसके हाथ पर बुरी काट लिया। युवती को देर रात तक थाने में भी बिठाया गया था।
सवाल 1 : उस अधिकारी का मेडिकल क्यों नही हुआ।
सवाल 2 जब पुलिस के पास मामला आ गया तो जांच क्यों नही की
सवाल 3 क्या कांग्रेस का एक छुटभैया नेता एक्सन को बचाने में लगा है।

