उत्तराखंड में चालान, हिमाचल में पांवटा पुलिस के सिर्फ बयान ; किरायेदारों का सत्यापन कब होगा। ये तो पुलिस और प्रशासन ही बता सकता है। एसडीएम और डीएसपी साथ मीटिंग कर कब इन मामलों पर ठोस कार्यवाही करेगे पता नही। शायद किसी और आदोलन का इंतजार कर रहे है।
अगर पांवटा में किराएदारों का सत्यापन होता तो कल इतना हंगामा ना होता। हिंदूवादी संगठनों को सड़क पर ना उतरना पड़ता।
हिमाचल प्रदेश का पांवटा साहिब शहर तीन राज्यों की सीमा से जुड़ा हुआ है लेकिन हैरानी की बात यह है कि पिछले काफी समय से इस शहर में किराएदारों का सत्यापन नहीं हो रहा है जबकि उत्तराखंड में मकान मालिकों के चालान शुरू हो रहे हैं हिमाचल में अभी तक सिर्फ पांवटा पुलिस बयान दे रही है और अखबारों में अपना फोटो और बयान जारी कर रही है अभी तक इस मामले में पुलिस की कोई भी रिपोर्ट सामने नहीं आ रही है।
कल हिंदूवादी संगठनों ने प्रदर्शन किया था कारण ये था कि नहान से किराएदार पांवटा पहुंचा लेकिन सत्यापन नहीं हो रहा है जिस कारण इस तरह के हंगामा में लगातार जारी है।उत्तराखंड में ऋषिकेश क्षेत्र में 68 मकान मालिकों के चालान कर 6 लाख का जुर्माना किया।

