पाकिस्तानी सेना की हार का प्रतीक स्मारक प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दिया है। बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने 1971 की जंग से जुड़े इस राष्ट्रीय स्मारक को तोड़ दिया। मुजीबनगर में स्थित यह स्मारक भारत-मुक्तिवाहिनी सेना की जीत और पाकिस्तानी सेना की हार का प्रतीक था।
16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी नेहजारों सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था। भारतीय सेना के ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने उन्होंने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। इस स्मारक में उसी की छवि को दर्शाया गया है।

