आज विधानसभा उप चुनाव के परिणाम आ गए। और कांग्रेस जीत का जश्न मना रही है। मनाना भी चाहिए। कई सालों बाद मौका मिल रहा है। बीजेपी की सीट कम हो रही है। हालांकि 13 विधानसभा में हुए उप चुनाव में पंजाब की एक सीट पर कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस रायगंज सीट पर भी तीसरे नंबर पर रही। और यही की एक सीट पर पांचवे नंबर पर रही। जब कांग्रेस ने टीएमसी और आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा है तो फिर इनकी जीती सीट पर कांग्रेस की कैसे हो सकती है।

इसके अलावा उत्तराखंड में कांग्रेस ने जो 2 सीट जीती है। इसमें एक सीट बद्रीनाथ पहले ही कांग्रेस के पास ही थी। और मगलौर बीएसपी पास के थी। अब हिमाचल में जो 2 सीट कांग्रेस जीती थी। उन सीट पर पहले निर्दलीय जीते थे। बेशक कांग्रेस ने टोटल 4 सीट जीती है। और बीजेपी ने दो सीट हिमाचल की एक हमीरपुर की एक और मध्य प्रदेश एक जीती है।
फिर भी अन्य के खाते में 7 सीट है। जिसमें बिहार से 1 निर्दलीय, पश्चिम बंगाल से 4 टीएमसी, पंजाब से 1 सीट आम आदमी पार्टी, तमिलनाडु में 1 डीएमके जीती है। इस हिसाब से कांग्रेस का जश्न तो बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। इतना जरूर है कि लोकसभा में 543 में से कांग्रेस 99 जीती थी। अब इस उप चुनाव में 13 में से 4 ही जीती है। इसलिए जश्न मना रही है।

