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Wed. Oct 28th, 2026

आयाराम- गयाराम का दौर शुरू : कमल छोड़ हाथ के साथ जा सकते है पूर्व सांसद

आयाराम- गयाराम का दौर शुरू : कमल छोड़ हाथ के साथ जा सकते है पूर्व सांसद

शिमला संसदीय हलके में कांग्रेस को कोई जिताऊ चेहरा नहीं मिल रहा है। इसलिए बीजेपी के पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप पर कांग्रेस डोरे डाल रही है। ताकि उनको कांग्रेस में शामिल किया सके। टिकट की शर्त पर वीरेंद्र कश्यप जा सकते है।

हालांकि पच्छाद विधानसभा से 2022 का चुनाव लड़ चुकी दयाल प्यारी, कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष अमित नंदा, पूर्व विधायक सोहन लाल का नाम चर्चा में है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी BJP के 2009 और 2014 में 2 बार MP रहे वीरेंद्र कश्यप पर दांव खेलना चाह रही है।

कांग्रेस के पक्ष में समीकरण 2022 के विधानसभा के रिजल्ट के आधार पर शिमला संसदीय क्षेत्र के समीकरण
कांग्रेस के पक्ष में हो सकते हैं। शिमला हलके के 17 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के पास 12 विधायक, BJP के पास 3 और एक आजाद MLA है।

सोलन जिले की 5 सीटों में से 4 सीटों पर कांग्रेस और एक में निर्दलीय है। सिरमौर में पांच में से 2 सीटें बीजेपी और 3 कांग्रेस के पास है। शिमला जिले की 7 सीटों में सिर्फ चौपाल सीट बीजेपी के पास है। बाकी में कांग्रेस जीती है।

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