गिरिपार क्षेत्र के राजपुर में कल यानी रविवार को मनीष तोमर हुंकार भरने वाले है। क्षेत्र के लोगों की महापंचायत होगी। जिसमें लोग मनीष तोमर के चुनाव लड़ने पर अंतिम मुहर लगा सकते है। मनीष तोमर ही इकलौते ऐसे युवा नेता है। जो पिछले लंबे समय से जनता के बीच में है। इसलिए इन पर आम सहमति बन सकती है।
मनीष तोमर का बस कंडक्टर से टिकट की दावेदारी तक का सफर…..

वर्ष 2003 से मनीष तोमर पार्टी के प्रति समर्पित सिफाई हैं। साल 2007 के चुनाव में आंज-भौज की पंचायते शिलाई विधानसभा क्षेत्र में थी। लेकिन इसके बाद डिलिमिटेशन में पांवटा विधानसभा क्षेत्र में आ गई।
वर्ष 2007 के चुनाव में जब बलदेव तोमर का टिकट मिला था। और भाजपा के कई कदावर नेता और कार्यकर्ता निर्दलीय अमर सिंह के साथ चले गए थे। तब भी इनका मन नहीं डिगा और बलदेव तोमर के साथ मैदान में डटे रहे।
यह बात दर्शाती है कि वह पार्टी के समर्पित सिपाई है। इसके बाद वर्ष 2009 में लोकसभा के चुनाव हुए तब भी यह युवा नेता भाजपा को जीताने के लिए कड़ी मेहनत करता रहा। वर्ष 2012 में विधानसभा के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सुखराम के साथ भी खड़ा रहा। हालांकि तब सुखराम चौधरी निर्दलीय किरनेश जंग से हार गए थे
वर्ष 2017 में फिर सुखराम चौधरी और पार्टी को दिल से साथ दिया। आंज-भौज में भाजपा को एक हजार से अधिक की लीड दिलाई। भाजपा ने उनको मंडल महामंत्री बनाया। इसके बाद उनको प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य भी बनाया।
जब भी पार्टी को जरूरत होती वह खड़े रहे। जनसभा में दरी बिछानी हो या फिर भीड़ जुटानी हो यह हमेशा साथ रहे। इसके अलावा पंचायत चुनाव में उन्होंने पंचायत प्रधानो और बीडीसी के सदस्यों को जीताने में भी अहम भूमिका निभाई।
वर्ष 2020-21 के पंचायती राज संस्थाओं में आम सहमति से मनीष तोमर भैला पंचायत के प्रधान बने। इनके साथ किसी ने चुनाव नहीं लड़ा। यह इनकी उपलब्धि है। इसके अलावा यह इलाके और पांवटा विधानसभा क्षेत्र की जनता के सुख दुख में हमेशा साथ खड़े रहे है।
क्षेत्र में किसी बीमार को अस्तपाल पहुंचाना हो। किसी गरीब की आर्थिक मदद करन हो और इलाके की कोई समस्या अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाना हो तो यह रात दिन तैयार रहते है। यह काम के वक्त कुछ नहीं देखते। अपनी जेब से लोगो की मदद करते हैं।
एक समय था जब यह बस में परिचालक थे। इसके बाद खान मालिकों के साथ मुंशी का काम किया। इसके बाद तो इनकी किस्मत बदल गईं।
अपना कारोबार ईमानदारी के साथ कर रहे है। और भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में लगातार काम कर रहे है। इसके अलावा आंज-भौज में भारतीय जनता पार्टी की जड़े मजबूत करने के इनका योगदान रहा है। जबकि यह इलाका कांग्रेस गढ़ रहा है।
रमेश तोमर का बीडीसी चुनाव जिताने और उनको चेयरमेन बनाने तक में इनका बड़ा योगदान रहा है। भैला पंचायत और क्षेत्र की अन्य नई पंचायते बनाने में इनके योगदान को भूलाया नहीं जा सकता।
इसके अलावा इनको पांवटा ब्लाक की पंचायतो के प्रधान संघ के प्रधान भी इनको चुना गया ताकि पंचायतो की समस्या को सरकार तक पहुंचाया जा सके। इलाके की सड़के, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं आम जनता तक पहुंचाने के लिए यह लगातार काम कर रहे है।

पांवटा साहिब या इलाके में कोई खेलकूद हो, अन्य कार्यक्रम हो, धार्मिक कार्यक्रम हो या राजनैतिक कार्यक्रम का आयोजन करना हो तो यह हमेशा दिल खोलकर साथ देते है। यह कभी भी ना नहीं करते। इलाके मे उभरते हुए खिलाड़ियो की मदद करना, खेल मैदान और स्कूल और कालेज में पढ़ने वाले बच्चो के लिए यह हर मदद करते है। इन्होंने कभी भी पार्टी के साथ धोखा नहीं किया है। अपनी 19 साल की सेवा करते हुए अब पांवटा विधानसभा से भाजपा से टिकट की मांग की। लेकिन इनको पार्टी से ही बाहर कर दिया। फिर इन्होंने हिम्मत नही हारी है। अभी भी इनकी जंग जारी है।
गिरिपार की जनता भी अब चाहती है कि क्षेत्र से कोई विधायक बने। इस क्षेत्र की 18 पंचायतो के 30 हजार से अधिक मतदाताओं की अनदेखी इस बार पार्टी को भारी भी पड़ सकती है। मनीष तोमर ने कभी पार्टी का विरोध नहीं किया। इसलिए यह सबकी पंसद बनते जा रहे है। इनकी एक आवाज पर इलाके की जनता खड़ी हो जाती है। कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ता इनके साथ है।
इन्होने अपने कारोबार में हजारो लोगो को रोजगार दिया हैं। इसलिए भी गरीब और आम जनता इनको चाहती है। यह इलाके सबसे पंसदीदा सामाजिक कार्यकर्ता है। इनकी प्रारंभिक शिक्षा भी गांव से ही हुई। अपने जीवन में इन्होंने बहुत सघर्ष किया है। तभी आज इस मुकाम पर पहुंचे है।

