उत्तराखंड में एक के बाद एक भर्ती घोटालों की परतें खुल रही है। उत्तराखंड विधानसभा में पिछले कुछ सालों में हुई नियुक्तियां भी चर्चा में है। विधानसभा अध्यक्ष रहते प्रेमचंद अग्रवाल ने बैकडोर से ये भर्तियां कराई और वित्त मंत्री बने तो इन्हें मंजूरी दे दी। विधानसभा में हुई भर्तियों की
एक सूची हाल ही में सामने आई है।
इसमें राज्य के कई नेताओं के पीआरओ, मेयर की पत्नी, मंत्रियों के साले, खुद विधानसभा अध्यक्ष का बेटा और अन्य रिश्तेदारों के नाम हैं। नौकरी पाने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी की बेटी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष -प्रेमचंद अग्रवाल का बेटा, मेयर सुनील उनियाल की पत्नी, मंत्री
सुबोध उनियाल का साला, प्रदेशभाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भाई,शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत का भांजा, पूर्व कांग्रेस विधायक सूरवीर सजवाण का साला, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट का साला और 40 से ज्यादा पत्रकारों
की पत्नियां शामिल हैं।
72 पदों पर हुई भर्तियों का मामला हाल ही में तब खुला, जब उत्तराखंड में यूकेएसएससी भर्ती में हुई धांधलियों की जांच पुलिस और एसटीएफ कर रही थी। जांच के दौरान राज्य विधानसभा में फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव की
आचार संहिता से महज एक माह पहले हुई 72 अधिकारियों औरकर्मचारियों की नियुक्ति की सूचीजारी कर दी गई। कुछ दिनों बाद कांग्रेस सरकार के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रहे गोविंद सिंह कुंजवाल ने भी बैकडोर से की गई नियुक्तियों की सूची सार्वजनिक कर दी।

