इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जब द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण की नगरी ‘द्वारका’ के मंदिर के दरवाजे आधी रात को खोले गए।
कल रात ऐसा ही हुआ कि मंदिर के पट किसी VIP के लिए नहीं, बल्कि 25 गायों के लिए खोले गए। ये गायें अपने मालिक के साथ 450 किमी की पैदल यात्रा कर कच्छ से द्वारका पहुंची थीं।
जानकारी के अनुसार कच्छ में रहने वाले महादेव देसाई की गोशाला की 25 गाएं करीब दो महीने पहले लंपी वायरस से ग्रस्त हो गई थीं। इस दौरान पूरे सौराष्ट्र में लंपी वायरस से गायों के मरने का सिलसिला जारी था।
इसी बीच महादेव ने भगवान द्वारकाधीश से मन्नत मांगी थी कि अगर उनकी गायें ठीक हो गईं तो वे इन गायों के साथ आपके दर्शन करने आयेगे। और 450 किलोमीटर अपने गोवंश के साथ मंदिर में रात को पहुंचे तो मंदिर के दरवाजे खोले गए।
