पांवटा साहिब : कई चुनाव आएं ओर गए। अब विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस हो या भाजपा के नेता सभी ने राजपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत सुधारने के वायदे किए।
मगर आज तक राजपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत नहीं सुधरी। जब कांग्रेस की सरकार रही तो भाजपा के कार्यकर्ता अस्पताल की हालत सुधारने के लिए ज्ञापन और आवाज उठाते। अब भाजपा की सरकार है तो कांग्रेस के कार्यकर्ता आवाज उठा रहे है। मगर अस्पताल की दशा फिर भी नहीं सुधरी।
गौरतलब है कि गिरिपार के आंज-भौज क्षेत्र का एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर खुद बिमार है। मगर इस अस्पताल
का इलाज नहीं हो सका है। इस अस्पताल में डाक्टरों व सुविधाओं की कमी के कारण हर साल मरीजो की संख्या भी घट रही हैं। जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर साल करीब 18000 मरीज उपचार के लिए आते है। अब हर साल मरीजों की संख्या घट रही है।
सुविधाएं नहीं होने के कारण इस क्षेत्र के मरीज निजि अस्पतालों में लूटने को मजबूर है। और इस क्षेत्र से 30 से 40 किमी दूर पांवटा साहिब व उतराखंड के विकासनगर के।अस्पतालो में जा रहे है। इसको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला है।
मगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं भी नही है। जबकि राजपुर को राजपुर को स्वास्थ्य खंड का दर्जा भी दिया गया। मगर इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं नही है। अब तो इस अस्पताल परिसर में घास उग आई है।

