आंज भोज क्षेत्र की राजपुर पंचायत के रामनगर गांव के ग्रामीणों ने आज गांव के नजदीक बरसाती नाले में सांकेतिक धरना दिया। और अपनी मांग रखी। साथ में प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि अगर रामनगर खड्ड पर पुल का निर्माण नही किया गया तो ग्रामीण आदोलन करने को मजबूर होगे।
गौरतलब है कि रामनगर में अनुसुचित जाति यह बस्ती सालों से सरकार की बेरूखी का शिकार है। सरकार के इस रुख से लोगों में भारी गुस्सा है। और समय रहते अगर गांव वालों की मांग नहीं मांगी गई तो आंदोलन किया जाएगा।
रामनगर क्षेत्र का संपर्क बरसात में कट जाता है। गांव को जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता अब गडडों में बदल चुका है। यहां वाहन से रास्ता तय करना तो दूर, पैदल तक चलना मुश्किल हो चुका है।
एक तो टूटा रास्ता ऊपर से इस रास्तें में बहने वाला बरसाती खडड, जिसे पार करना बरसात के मौसम में अपनी जान जोखिम में डालने जैसा है।
लंबे वक्त से गांव वालों की मांग थी कि इस खडड में पुलिया बनाई जाए। यहां सबसे बड़ी मुश्किल स्कूल के उन बच्चों के सामने है जिन्हें बरसात में ये बरसाती नाला पार करना पड़ता है। दरअसल कुछ समय पहले इस नाले में एक युवक भी बहा था गनिमत रही उस युवक को रेस्क्यू कर लिया गया था।
रामनगर गांव के किड़वा राम, सिंघा राम, गीता राम, गुमान सिंह ने बताया की सरकार और प्रशासन ने हमें अपने हाल पर छोड़ दिया है वहीं गांव के ही तारा चंद ने बताया की अगर सरकार ने यहां पर पुलिया नहीं बनाई और अगर कोई अनहोनी होती है इसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। दौलत राम और रमेश चंद, सुंदर सिंह और भीम सिंह ने बताया कि सरकार ने अगर इस समस्या का समाधान नहीं किया तो हमें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

