प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल व उत्तराखंड राज्य की सीमाओं के बीच आसन वेटलैंड संरक्षण रिजर्व के 10 किलोमीटर दायरे में बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से दोषियों पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की है।
आसन वेटलैंड यमुना और आसन नदी का 444 हेक्टेयर क्षेत्र है जो उत्तराखंड के देहरादून जिले में यमुना नदी के साथ संगम तक फैला हुआ है।
हाईकोर्ट ने इस वेटलैंड के रखरखाव से जुड़े मामले में राज्य सरकार से खनन लाइसेंस धारकों की सूची तलब की थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी यमुना नदी की आद्रभूमि की निशानदेही करने के आदेश दिए थे। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ के समक्ष देहरादून निवासी गजेंद्र रावत द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई।
याचिका में गुहार लगाई गई है कि वेटलैंड के 10 किलोमीटर के दायरे में खनन पर रोक लगाई जाए और इसके लिए राज्य सरकार की ओर से जारी लाइसेंस को रद्द किया जाए।

