पांवटा साहिब: (श्यामलाल पुंडीर)आंज भोज क्षेत्र के गांव आगरों में पहली बार धिंणटियों ने गांव के अपने भाई बहनों के लिए जागरण और भंडारे का आयोजन किया। इसका सारा खर्च भी इनके द्वारा ही उठाया गया।

धिंणटियों द्वारा पहली बार अपनी ओर से जागरण और भंडारे किया। इसका खर्चा धिंणटियों ने एकत्रित कर किया। इस मौके पर भारी संख्या में दूर दूर से अपनी ससुराल से महिलाएं माइके पहुंची। इन महिलाओं ने सुख शांति के व्रत भी रखा। शाम को व्रत खोलने के बाद सभी महिलाएं गांव के शिरगुल मंदिर में पहुंची। मंदिर प्रांगण में भजन कीर्तन किया। और पूरा माहौल भक्तिमय बना दिया।
इस दौरान कौशल्या देवी, सुना देवी, सविता और शीला आदि महिलाओं ने बारी बारी से शिव शंकर, कृष्णा और राधा के अलावा स्थानीय देवी देवताओं के भजन गाए। पूरी रात गांव के बहन और भाइयों के बाद जागी। इस दौरान महिलाओं ने ओ बरसाने वाली राधे , ऐसा डमरू बजाया बोलनाथ ने, सारा कैलाशपर्वत मग्न हो गया आदि भजन गाए। इसके अलावा स्थानीय देवी देवताओं में जय देवा शिरगुला और काली माता के भजन गाए।
इससे पूर्व शिरगुल मंदिर के पुजारी मेहर सिंह शर्मा, सुमेर चंद शर्मा, रामलाल शर्मा ने गांव के कुल देवता शिरगुल महाराज की विधिवत पूजा अर्चना की। इस दौरान कई लोगों में शिरगुल देवता का खेल आया और देवता ने इस आयोजन को सफल बताते हुए देवता ने सभी को आशीर्वाद दिया।
इस मौके पर उप प्रधान रघुवीर सिंह और पूर्व उप प्रधान रणदीप सिंह ने बताया कि उनकी धिंणटियों द्वारा इस प्रकार का आयोजन पहली बार किया। जब सारा खर्च उन्होंने उठाया। उन्होंने इस आयोजन के लिए सभी को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि भंडारा सोमवार शाम और मंगलवार दोपहर को भी आयोजित किया गया।
इस दौरान सभी धिंणटियों ने देव पालकी के निर्माण में सभी ने सहयोग दिया। और भजन कीर्तन के दौरान एकत्रित राशि को भी देव पालकी बनाने को दान दिया। देव पालकी के लिए इंदर सिंह ने एक किलो चांदी और विजय सिंह ने आधा किलो चांदी देंगे। इसके अलावा किसी ने 11 हजार दिए। जबकि गांव का हर परिवार 5000 रुपए सहयोग दे रहा हैं। अभी तक लगभग 5 लाख की राशि एकत्रित हो चुकी है।

