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Thu. Apr 2nd, 2026

ये सुख की नहीं दुख की सरकार, और क्या बोले बेरोजगार

बेरोजगार कला अध्यापकों का परीक्षा परिणाम एक साल बाद भी नहीं निकाले जाने से बेरोजगार कला अध्यापकों में सरकार के प्रति रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इनका कहना है ये सुख की नहीं बल्कि दुख की सरकार है। बेरोजगार कला अध्यापकों ने कई बार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मिलकर गुहार भी लगा चुके है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

गौरतलब है कि ये परीक्षा 8 अक्टूबर 2022 में हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की थी। 16 दिसंबर से 22 दिसंबर तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था । अब इनका फाइनल रिजल्ट आना बाकी रह गया था।

इसके बाद दिसंबर 2022 में कर्मचारी चयन आयोग को वर्तमान कांग्रेस ने सरकार ने भंग कर दिया। आयोग को भंग करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि जितने भी पेंडिंग भर्तियों के रिजल्ट कर्मचारी आयोग के भंग होने से रुक गए है वो सारे रिजल्ट 40 दिनों के भीतर आ जायेगें। किंतु ऐसा नहीं हुआ। पोस्ट कोड 980 कमीशन का कला अध्यापकों का रिजल्ट आज तक लटका कर रखा है।

जगदीश चंद, पवन चौधरी, मजहर अली , सीमा देवी, दिग्विजय और संगीता आदि का कहना है कि सभी लोग सीएम से भी कई बार मिले लेकिन आश्वासन ही दिया गया कि रिजल्ट जल्द ही घोषित कर दिया जायेगा, लेकिन लगभग एक साल बीत जाने के बाद अभी तक सरकार ड्राइंग मास्टर व अन्य पेंडिंग रिज़ल्ट को लेकर कोई निर्णय नही लिया गया। हालांकि नए राज्य चयन आयोग का गठन कुछ माह पूर्व राज्य सरकार द्वारा किया जा चुका हे किंतु वह भी पूर्ण रूप से संचालित नही हो पा रहा है। अब सभी युवा मानसिक तनाव से गुजर रहे है,

इनका कहना है मुख्यमंत्री के साथ साथ उन्होंने लगभग हर जिले से अपने अपने विधायकों को मांग पत्र दिया था कि हमारा रिजल्ट जल्दी से निकाला जाए, और सभी मंत्री और विधायको ने आश्वासन दिया था की हम आपकी मांग को लेकर मुख्यमंत्री से बात करेंगे, लेकिन लगभग एक साल बीत जाने के बाद अभी तक बेरोजगारों के हाथ मायूसी ही लगी है।

इनका कहना है कि आने वाले दिनों में सरकार नए साल का जश्न मना रही है बेरोजगार कला अध्यापक (ड्राइंग मास्टर पोस्ट कोड 980) एक बार फिर से मुख्यमंत्री से निवेदन करते हैं कि हमारा रिजल्ट जल्द से जल्द निकाला जाएं। ताकि एक साल से तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहे अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके l

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