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Thu. Apr 2nd, 2026

कब मिलेगा इंसाफ : 36 दिन से हड़ताल, जनता बेहाल, अब क्या बोले अधिवक्ता

कब मिलेगा इंसाफ : 36 दिन से हड़ताल, जनता बेहाल, अब क्या बोले अधिवक्ता

पांवटा साहिब उप मंडल के तहत आने वाले माजरा थाने के मामलों की सुनवाई नाहन की अदालत के अधीन करने पर पांवटा के कोर्ट परिसर में धरने पर बैठे बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों का आज 36 दिन हो गए। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आज पत्रकारों से बातचीत में बार एसोसिएशन के प्रधान नितिन शर्मा ने कहा कि ये हड़ताल तभी खुलेगी जब मांग पूरी होगी सब अधिवक्ता एकजुट है। उन्होंने कहा कि ये आम जनता की मांग है। लोगों को 40 किलोमीटर नाहन जाना पड़ेगा। इसलिए हाई कोर्ट को ये फैसला बदलना पड़ेगा।

गौरतलब है कि पूर्व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक किरणेश जंग समेत सभी लोग इस मांग का समर्थन कर रहे है। अगर पांवटा से 5 किलोमीटर के दायरे की पंचायत पुरुवाला कोई गाड़ी का भी चालान होता है तो इसके लिए लोगों को 40 किलोमीटर दूर नाहन जाना पड़ेगा जबकि पांवटा साहिब की अदालत 5 किलोमीटर है। और इस फैसले से 17 पंचायत के लोग प्रभावित हो रहे हैं।

गौरतलब है कि पांवटा पुलिस उप मंडल के तहत आने वाले माजरा थाने के मामलों की सुनवाई अब नाहन की अदालत में शिफ्ट करने की हाई कोर्ट की अधिसूचना के बाद बार एसोसिएशन का पांवटा विरोध 36 दिन भी जारी है। आज भी पांवटा साहिब की अदालत में कामकाज ठप रहा। और अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन शर्मा के नेतृत्व में रैली भी कर चुके है। इसके बाद से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इस मांग का पांवटा प्रधान संघ ने भी अपना पूरा समर्थन दिया है।

इस मौके पर अधिवक्ता शशिपाल चौधरी ने कहा कि पांवटा के साथ लगती से पंचायत के लोगों को 40 किलोमीटर दूर नाहन जाना पड़ेगा। जबकि पांवटा साहिब की अदालत में आने को कई पंचायत के लोगों को सिर्फ 5 किलोमीटर दूर पड़ती है। इससे आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हाई कोर्ट के फैसले से माजरा क्षेत्र की पुरुवाला, पातलियो, कुंडियों , कोटडी व्यास, जामनीवाला समेत 17 पंचायत के लोग प्रभावित होंगे।

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