अयोध्या : अयोध्या में रामलला का ‘500 वर्षों का वनवास’ खत्म होने में अब सिर्फ
77 दिन बचे हैं। 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही रामलला अपने मूल स्थान पर विराजमान हो जाएंगे।
यह ऐतिहासिक प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम 16 जनवरी से 22 मार्च तक चलेगा। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत 135 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सोमवार से गांव-गांव में घर-घर निमंत्रण देने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए 5 नवंबर को हर प्रांत से आए हमारे प्रतिनिधियों को एक कलश में सवा 5 किलो अक्षत और हल्दी दी गई है। अब वीएचपी और आरएसएस के कार्यकर्ता अक्षत के साथ सभी को निमत्रण देगें। आज कलश के कार्यकर्ता पांवटा पहुंच रहे है।
वे प्रांत से जिलों और जिलों से गांवों तक घर-घर निमंत्रण देंगे। करीब 5 लाख गांवों में पहुंचेंगे। साथ ही लोगों से आग्रह करेंगे कि 22 जनवरी को मुख्य कार्यक्रम के दिन वे अपने गांव और घर के मंदिर में लाइव टेलीकास्ट के साथ-साथ विशेष पूजा-अर्चना करें।
शंख और घंटाल से ध्वनि करें। उत्सव मनाएं और शाम को दीपोत्सव मनाएं। प्राण-प्रतिष्ठा के लिए देश-दुनिया के छह हजार मेहमानों की।सूची तैयार की जा रही है।

