हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नई बनाई गई बीआरसीसी पॉलिसी में ओल्ड वोकेशनल सर प्लस प्रवक्ताओं को शामिल नहीं किया गया। जबकि इससे सरकारी संस्थानों में यह वोकेशनल सरप्लस प्रवक्ता विभिन्न कार्यालय में प्रशासनिक कार्य में लगे हुए हैं। इन सभी प्रवक्ताओं का स्कूलों में अध्यापन कार्य
पहले से ही बंद है और इसलिए सरकार उनके अनुभव का लाभ उठाकर इनको बीआरसीसी नियुक्ति कर सकती है।
अगर इन नॉन टीचिंग वोकेशनल सरप्लस प्रवक्ताओं को इसी तरह कोऑर्डिनेशन का काम दिया जाता है तो सरकारी स्कूलों से टीचिंग प्रवक्ता को बीआरसी में नहीं जाना पड़ेगा। इससे स्कूलों में पद भी रिक्त नहीं रहेंगे। इसकी संख्या 30 से 40 है। सरकार ने की इस पॉलिसी के बनने के बाद कई स्कूलों में पद रिक्त होने की संभावना भी बढ़ गई है। यह भी जानकारी मिली है कि इसमें ज्यादातर की उम्र 50 से अधिक है। इसलिए नई पॉलिसी के अनुसार यह प्रवक्ता अब पात्र नहीं है।
