उत्तराखंड से हिमाचल में आने वाले हाथी किसानों की फसलें बर्बाद कर देते है। और कोलर की एक महिला की तो हाथी जान भी ले चुका है। लेकिन अब सरकार का इन खतरों से निपटने के लिए प्रोजेक्ट एलिफेंट तैयार है। केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट एलिफेंट में पहली बार हिमाचल को भी शामिल किया है। नाहन और पांवटा को हाथियों के खतरे से मुक्त करने के लिए वन विभाग ने ये प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा था।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 87 लाख रुपए है। 39 लाख रुपए की पहली किश्त भी जारी हो चुकी है। उत्तराखंड क्षेत्र के हाथी यहां पहुंच कर पिछले काफी सालों से इन क्षेत्रों में जानमाल को भारी नुकसान पहुंचा रहे है।
पिछले साल इस क्षेत्र में एक हाथी के हमले से एक महिला की मौत भी हुई थी। इसके अलावा हाथी यहां पर फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा चुके है। अब इस प्रोजेक्ट के तहत नाहन और पांवटा में अलग-अलग जगह पर वॉच टावर लगाए जाएंगे। इसके माध्यम से हाथियों के मूवमेंट का पता चलेगा और गज मित्र भी रखे जाएंगे।
अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन अनिल ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ साल से उत्तराखंड से हाथी हिमाचल में प्रवेश करके नुकसान पहुंचा रहे है अब पहली बार हिमाचल को प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।

