भारतीय जनता पार्टी मंडल पाँवटा साहिब भारत रत्न श्रद्धेय स्व०अटल बिहारी वाजेपायी जी की पुण्यतिथि हेतु ग्राम पंचायत पुरुवाला कांशीपुर के अंबेडकर भवन में सुबह 11:00 बजे श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष रमेश तोमर विशेष रूप से उपस्थिति रहे।
सभी कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्प अर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्व० श्री अटल बिहारी वाजेपायी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
अटल बिहारी वाजपेयी भारत के तीन बार के प्रधानमंत्री थे। वे पहले 16 मई से 1 जून 1996 तक, तथा फिर 1998 में और फिर19 मार्च 1999 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे हिंदी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे, और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे।
इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवेन्द्र चौधरी, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पवन चौधरी, मीडिया प्रभारी रोहित चौधरी, युवा मोर्चा अध्यक्ष चरणजीत चौधरी, शमशेर अली, मोहन सिंह सोहता, नितिन शर्मा, सुखविंदर सिंह, हर्ष चौधरी, विजय चौधरी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अंत में अटल बिहारी वाजपेई की कविता
बाधाएं आती है तो आएं, घिरें पलय की घोर घटाएं, पांवो के नीचे अंगारे, सिर पर बरसे यदि ज्वालाएं निज हाथों हंसते-हंसते, आग लगाकर जलना होगा। कदम मिलाकर चलना होगा।
हास्य रूदन में, तूफानों में, अगर असंख्यक बलिदानों में, उद्यानों में, वीरानों, अपमानों में सम्मानों में, उन्नत मस्तक, उभरा सीना, पीड़ाओ में पलना होगा। कदम मिलकार चलना होगा।
उजियारे में, अंधकार में, कलकहार में, बीच मझदार में, घोर घृणा में, पूत प्यार में, क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में
जीवन के शत शत आकर्षक, अरमानों को ढलना होगा। कदम मिलाकर चलना होगा।
सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ, प्रगति चिरंतन कैसा अब, सुस्मित, हर्षित कैसा श्रम श्लथ, असफल सफल समान मनोरथ,
सब कुछ देकर कुछ न मांगते, पावस बनकर ढलना होगा। कदम मिलाकर चलना होगा।
कुछ कोटों से सज्जित जीवन, प्रखर प्यार से वंचित यौवन, नीरवता से मुखरित मधुवन, परहित अर्पित अपना तन मन,
जीवन को शत शत आहुति में जलना होगा गलना होगा। कदम मिलाकर चलना होगा।

