
दिल्ली : संसद में विपक्ष के हंगामें और गहमागहमी के बीच सोमवार को राज्यसभा में दिल्ली आध्यादेश से जुड़े बिल पर चर्चा हुई । इस दौरान विपक्ष के आरोपो का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य दिल्ली में सुचारू रूप से भ्रष्टाचार मुक्त शासन हो। बिल के एक भी प्रावधान से, पहले जो व्यवस्था थी, उस व्यवस्था में एक इंच मात्र भी परिवर्तन नहीं हो रहा है।
अमित शाह ने कहा कि कई बार केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो दिल्ली में भाजपा की सरकार थी, कई बार केंद्र में भाजपा की सरकार थी तो दिल्ली में कांग्रेस की, उस समय ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर कभी झगड़ा नहीं हुआ। उस समय इसी व्यवस्था से निर्णय होते थे और किसी मुख्यमंत्री को दिक्कत नहीं हुई। कई सदस्यों द्वारा बताया गया कि केंद्र को शक्ति हाथ में लेनी है। हमें शक्ति लेने की जरूरत नहीं क्योंकि 130 करोड़ की जनता ने हमें शक्ति दी हुई है।इसके बाद विपक्ष को बड़ा झटका लगा। दिल्ली अध्यादेश पर वोटिंग हुई। सत्ता पक्ष को 131 और विपक्ष को 102 वोट मिले।
