
हिमाचल प्रदेश सरकार में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर इन दिनों सिरमौर जिले के दौरे पर है। उन्होंने नाहन, पांवटा साहिब में जन समस्याएं सुनी और अब शिलाई में भी लोगों की समस्याएं सुन रहे है। वह बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा भी ले रहे है। शिक्षा मंत्री ने अपने दौरे में कहा कि पांवटा उनकी जन्म भूमि है और कोटखाई उनकी कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि पांवटा क्षेत्र के लोगों से सदैव ही उन्हें प्रेम और स्नेह मिला है।
गौरतलब है कि उनकी पैतृक संपत्ति पांवटा साहिब के सूरजपुर में है। जहां पर मकान और जमीन भी है। रोहित के दादा रामलाल ठाकुर साल 1957, 1962, 1967, 1977, 1980 और 1982 में जुब्बल-कोटखाई से हिमाचल प्रदेश विधान सभा के लिए चुने गए। वह 28 जनवरी 1977 से 30 अप्रैल 1977 तक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। साल 1977 से 13 फ़रवरी 1980 तक हिमाचल प्रदेश विधान सभा में विपक्ष के नेता भी रहे। बाद में रामलाल ठाकुर फिर से 14 फ़रवरी 1980 को राज्य के मुख्यमंत्री बने और 7 अप्रैल 1983 तक पद पर बने रहे। उन्हें आंध्र प्रदेश का राज्यपाल भी बनाया गया था. 6 जुलाई 2002 को शिमला में उनका निधन हो गया था।
पांवटा साहिब में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सिरमौर प्रवास के दौरान पांवटा साहिब में उप-मंडल स्तरीय प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ पांवटा क्षेत्र में भारी बारिश से हुये नुकसान की समीक्षा की। शिक्षा मंत्री सिरमौर जिला में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का जायजा और राहत एवं पुनर्वास सम्बन्धी कार्यों की समीक्षा के लिए नियुक्त प्रभारी मंत्री के रूप में सिरमौर प्रवास पर है।
शिक्षा मंत्री को 2.51 लाख रुपये का चैक ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने सौंपा
जिला सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन पांवटा साहिब ने आज शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को 2.51 लाख रुपये का चैक आपदा राहत कोष के लिये भेंट किया।इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री ने इस अवसर अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाधित सड़कों, पेयजल योजनाओं और बिजली आपूर्ति को शीघ्र बहाल किया जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभाग आपदा की इस घड़ी में प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बरसात होने से नुकसान भी बढ़ रहा है इसलिए विभागों को और मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में लगना चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पांवटा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण दो लोगों की जानें गई हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 87 मकानों को भारी बारिश के कारण नुकसान पहुंचा है और नुकसान का आंकड़ा करीब 28 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 36 गौशालाओ को नुकसान हुआ है जिस पर 2.47 लाख रुपये नुकसान का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग को 4.49 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है जबकि राष्ट्रीय उच्च मार्ग को 3.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जल शक्ति विभाग को 17.09 करोड़, विद्युत बोर्ड को 78.72 लाख का नुकसान हुआ है। इसी प्रकार कृषि विभाग को 9.88 करोड़ रुपये तथा उद्यान विभाग को 7.90 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। शिक्षा विभाग को 2.90 लाख, पशुपालन को 4.30 लाख तथा पंचायती राज संस्थानों को 5.35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
शिक्षा मंत्री ने पांवटा स्थित विश्रामगृह में जन समस्यायें भी सुनी।पांवटा पहुंचने पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया गया। शिक्षा मंत्री ने नाहन से पांवटा के मध्य भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा भी लिया तथा प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
पांवटा साहिब में अधिकारियों से बैठक करने के उपरांत शिक्षा मंत्री और उद्योग मंत्री शिलाई क्षेत्र में नुकसान का जायजा लेने के लिए रवाना हुये। इस मौके पर विधायक सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक किरणेश जंग, एसडीएम पांवटा गुंजीत चीमा, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, अवनीत लांबा, असगर अली के अलावा कांग्रेस पदाधिकारी, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि के अलावा गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
