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Sat. Jun 13th, 2026

आंंज भोज के नाम एक बड़ी उपलब्धि

आंंज भोज के नाम एक बड़ी उपलब्धि

आंंज भोज के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। क्लाथा गांव के जय प्रकाश तोमर जेपी ने शानदार उपलब्धि दर्ज की है। सही कहते है मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।

कई चैनलों में काम करने के बाद जेपी ने पहाड़ प्राइम की नीव रखी थी। जिसके बाद हिमाचल उत्तराखंड सहित जम्मू कश्मीर की खबरों का मंच रहा पहाड़ प्राइम आज इस मुकाम पर पहुंच चुका है कि हिमाचल के चुनिंदा न्यूज़ चैनलों में जगह बना ली है।

ईटीवी भारत, तहलका न्यूज़, दैनिक जागरण, अभी-अभी सहित कई मीडिया घरानों में काम करने के बाद जयप्रकाश तोमर ने सत्ता के आगे दम तोड़ती पत्रकारिता से तंग आकर पहाड़ प्राइम की शुरुआत की थी।

आज हिमाचल में मात्र चार पांच चैनल ऐसे हैं, जिनके यूट्यूब पर एक लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर है और अगर हम इन चैनलों के संसाधनों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यह एक बड़ी टीम के साथ काम करते हैं। जबकि जयप्रकाश तोमर इक्का-दुक्का साथियों के साथ पहाड़ प्राइम को आगे बढ़ा रहे हैं।

गौर रहे कि जयप्रकाश तोमर ने पहले राजकीय महाविद्यालय डाकपत्थर (देहरादून) से 1 साल का पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया और उसके बाद उत्तराखंड की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर से जर्नलिज्म में मास्टर्स की है।

आज इनके चैनल पर एक लाख से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुके हैं। जिसका श्रेय जयप्रकाश तोमर ने पहाड़ की जनता को दिया है। उनका कहना है कि लोग अब चमचमाते स्टूडियो और ताबड़तोड़ ग्राफिक्स से तंग आकर साधारण तरीके से खबरों को समझना चाहते हैं।आने वाले समय में कई रोचक कार्यक्रम लेकर वह पहाड़ प्राइम में नई शुरुआत करेगे।

गौर रहे कि फेसबुक पर भी पहाड़ प्रेम के तकरीबन 80,000 फॉलोअर्स हैं। रोजाना कोई ना कोई वीडियो मिलियन में देखा जाता है। इसके अलावा पहाड़ प्राइम जिला सिरमौर के पांवटा साहिब से संचालित होता है।

एक रोचक बात यह भी है की अपने चैनल पर पब्लिश होने वाली हर वीडियो साधारण तरीके से एडिट की जाती है। इसमें कोई म्यूजिक नहीं होता है और ना ही कोई ग्राफिक्स इस्तेमाल किया जाता है। जयप्रकाश तोमर ने बताया कि तकरीबन 80 फ़ीसदी वीडियो मोबाइल पर ही एडिट की जाती है।

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