एक बार फिर प्रशासन और नगर परिषद के इंतजाम की पोल बरसात ने खोलकर रख दी है। यहां के कई वार्डो में पानी भर गया है। दुकानो व घरो में पानी घुस गया है। हैरानी की बात ये है की पांवटा नगर परिषद पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दल शासन कर चुके है। इस बार नगर परिषद में बीजेपी की सत्ता है।
बुधवार को दिन में हुईं बारिश के चलते कई गलियां पानी से भर गई। लोगो का आना जाना मुश्किल हो गया। आज तक पानी के निकासी के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए है। यहां पर वैसे तो हर वार्ड में जलभराव की समस्या है। मगर वार्ड नंबर तीन, चार और वार्ड 5 और 9 में सबसे ज्यादा समस्या जलभराव की है।
बुधवार को पांवटा शहर, तारूवाला, वार्ड नंबर 4 और 5 के अलावा देवीनगर में पानी भरने के कारण लोगो को समस्या हो गई।और दर्जनों घरों में पानी घुस गया।
गौरतलब है कि हर साल बरसात में शहरवासियों को यह समस्या झेलनी पड़ती है। नालियां चाॅक होने से पानी गलियों से होता हुआ लोगो के घरों भीतर घुस जाता है।
पांवटा साहिब हिमाचल प्रदेश का प्रवेश द्वार है। इस नगर को चडीगढ़ की तर्ज पर विकसित करने की योजना ठंडे बस्ते में है। और स्मार्ट सिटी बनाने के लिए बड़ी-बड़ी बातें बैठकों तक ही सीमित होकर रह गई है। हालत यह है कि शहर में नाली बनाई जाती है। तो उसका यह पता नही है कि उस नाली के पानी की निकासी कहां होगी। इसी तरह बरसाती पानी के निकासी नहीं होने से कई बार लोगो के घरो में पानी घुस जाता है। इसके अलावा नालियां छोटी छोटी है। जिससे कई कालोनियां जलमग्न हो जाती हैं। बरसात के दिनो में हालत ऐसी हो जाती है कि लोगो का घर से बाहर निकलना मुसीबत हो जाता है। यहां सालो से जलभराव की समस्या है।
नगर में योजनाबद्व तरीके से नहीं हो रहा विकास
पांवटा साहिब में कई नई नई कालोनियो व मकान बनते जा रहे है। मगर कोई प्लानिंग नहीं होती है। नगर परिषद सड़क बनाता है तो नालियां बनाने व सीवरेज के लिए नालियां खोदने जेसीबी पहुंच जाती हैं। इससे नगर परिषद को लाखो-करोड़ो का नुकसान भी हो रहा है। शहर में वैसे तो सभी वार्डों में जलभराव की समस्या है।
मगर कई वार्ड ज्यादा प्रभावित है। शहर में बरसात लोगो के लिए मुसीबत लेकर आती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वार्ड में जल भराव की समस्या गंभीर है। नगर परिषद की चैयरमेन निर्मल कौर का कहना है कि इसके लिए विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।

