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Wed. Apr 1st, 2026

क्या ये है सुख की सरकार : हिमाचल में 6 महीने में 40 हत्याएं, 150 रेप और 183 अपहरण : राज्यपाल को ज्ञापन


शिमला: आज बीजेपी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई कि चंबा में हुए हत्याकांड के आरोपियों की जांच राष्ट्रीय जांच ऐजेन्सी (एन0आई0ए0) के माध्यम से
हो ताकि इस परिवार की संदिग्ध गतिविधियों की सही जानकारी मिल सके।

इस हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से प्रतिदिन सुनवाई हो और आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। जिला की उंची पहाड़ियों पर चारागाह परमिट की जांच की जाए और इसका आंबटन दोबारा से किया जाए।
हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले विशिष्ठ समुदायों के लोगों की जांच हो। इस प्रकार की घटनाएं हिमाचल प्रदेश को शर्मसार कर रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था
पूर्ण रूप से चरमरा गई है। नालागढ़ में पुलिस की लापरवाही के कारण पुलिस कस्टडी में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है जिससे जनता में भारी रोष व्याप्त है। सिरमौर में पुलिस राह चलते युवकों पर प्रहार करती है, युवक के कान का पर्दा फट जाता है और न सरकार, न प्रशासन, कोई व्यक्ति इस घटना पर गौर तक नहीं करता। शिमला में लगातार लावारिस शवों के मिलने से ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं
है।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के मात्र 6 महीने के कार्यकाल में ही 40 से अधिक हत्याएं, 150 से अधिक रेप केस और 183 अपहरण के मामले दर्ज हो चुके हैं।

हिमाचल प्रदेश जो देवभूमि के नाम से विख्यात है, अपनी कानून व्यवस्था, शांतिप्रियता एवं शालीनता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है परन्तु उक्त नृशंस हत्याकांड से हिमाचल की छवि खराब हुई है।भारतीय जनता पार्टी इस ज्ञापन के माध्यम से आपसे सादर मांग करती है कि हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था का कड़ा संज्ञान लेते हुए इस हत्याकांड की जांच राष्ट्रीय जांच ऐजेन्सी (एन०आई०ए०) से करवाई जाए ताकि इस मामले की सत्यता जनता के सामने आ सके और आरोपियों को कड़ी सजा मिल सके।

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